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पीएनबी गोल्ड लोन घोटाला, 5 आरोपियों को भेजा जेल:3 आरोपी पुलिस रिमांड पर, सीआई बोले- निष्पक्ष और गंभीरता से हो रही मामले की जांच


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पीएनबी गोल्ड लोन घोटाला, 5 आरोपियों को भेजा जेल:3 आरोपी पुलिस रिमांड पर, सीआई बोले- निष्पक्ष और गंभीरता से हो रही मामले की जांच

पीएनबी गोल्ड लोन घोटाला, 5 आरोपियों को भेजा जेल:3 आरोपी पुलिस रिमांड पर, सीआई बोले- निष्पक्ष और गंभीरता से हो रही मामले की जांच

नवलगढ़ : नवलगढ़ के नानसा गेट स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) शाखा में हुए गोल्ड लोन घोटाले में पुलिस ने कार्रवाई की है। इस मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर सहित पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं।

मामले की जांच कर रहे सीआई अजय सिंह ने बताया- गिरफ्तार आरोपियों में तत्कालीन बैंक मैनेजर अमित जांगिड़, बीसी संचालक संतोष सैनी, कोलसिया निवासी संदीप कुमार, बड़ की ढाणी निवासी सुनील कुमार और भोड़की निवासी ओमप्रकाश डूडी शामिल हैं। इन सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

वहीं, ढाका की ढाणी निवासी सुनील सुंडा, झाझड़ निवासी राकेश सैनी और ठाकरवाली ढाणी निवासी धीरज सैनी को 16 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, इन तीनों ने मुख्य आरोपियों को घोटाले को अंजाम देने में सक्रिय सहयोग किया था। इन्होंने अपने कुछ रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी गोल्ड लोन भी करवाए थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में ग्राहकों को यह जानकारी नहीं थी कि उनके नाम पर वास्तविक लोन राशि कितनी दर्ज की गई है। पुलिस ने बीसी संचालक संतोष सैनी की निशानदेही पर कुछ गिरवी रखा गया सोना भी बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि कुछ पीड़ित ग्राहक अभी तक सामने नहीं आए हैं, क्योंकि वे कार्रवाई के डर से चुप हैं। इन ग्राहकों का सोना गिरवी रखकर ज्यादा लोन उठाया गया था।

ऑडिट स्टाफ भी रडार पर जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि बैंक में गोल्ड लोन की ऑडिट करने वाले कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध हो सकती है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं ऑडिट स्टाफ ने जानबूझकर अनियमितताओं को नजरअंदाज तो नहीं किया। ऑडिट में लापरवाही या मिलीभगत पाई गई, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सीआई अजय सिंह ने बताया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता और निष्पक्षता से की जा रही है। किसी भी निर्दोष व्यक्ति को फंसाया नहीं जाएगा। सभी तथ्यों, दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है।

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