शिक्षकों की रिकवरी पर बवाल: शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने वेतन कटौती रोकने की मांग उठाई
निदेशक, कोष एवं लेखा को सौंपा ज्ञापन, वेतन रोकना बताया अन्यायपूर्ण
सीकर : राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने शिक्षकों के वेतन से की जा रही रिकवरी को तत्काल प्रभाव से रोकने और रुके हुए वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक, कोष एवं लेखा संध्या शर्मा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह ने बताया कि सत्र 2019 से 2023 के बीच क्रमोन्नत हुए विद्यालयों में पदों का विधिवत आवंटन नहीं होने के कारण वहां कार्यरत शिक्षकों का वेतन अन्य विद्यालयों से आहरित किया गया। वर्तमान में शहरी क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों का वेतन ग्रामीण क्षेत्र से आहरित होने के चलते उनसे मकान किराया भत्ता (HRA) और शहरी भत्तों की रिकवरी की जा रही है।
रिकवरी नहीं मानने पर वेतन रोका जा रहा
संघ के अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल ने कहा कि यदि शिक्षक रिकवरी स्वीकार नहीं करते, तो उनका वेतन रोका जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने बताया कि विडंबना यह है कि उन शिक्षकों से भी रिकवरी की जा रही है, जो इस अवधि में स्थानांतरण के जरिए शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र में गए थे, जबकि नियमों के अनुसार उन्हें छह माह तक शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता देय था। अब उसी वैध भुगतान की भी रिकवरी की जा रही है।
सकारात्मक निर्णय का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए निदेशक, कोष एवं लेखा संध्या शर्मा ने मामले में सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया। शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने उम्मीद जताई है कि शीघ्र ही इस मामले में न्यायसंगत निर्णय लेकर शिक्षकों को राहत प्रदान की जाएगी।
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