आगामी बजट में पाटन को मिले जिला पशु अस्पताल की सौगात की मांग
वेटरनरी पॉलीक्लिनिक से 7 लाख से अधिक पशुधन को मिलेगी विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा
पाटन : पशुपालन को बढ़ावा देने और पशुओं के लिए विशिष्ट एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पाटन में जिला पशु अस्पताल (वेटरनरी पॉलीक्लिनिक/बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय) की स्थापना की मांग तेज हो गई है। पशुपालकों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जिस तरह नीमकाथाना में जिला अस्पताल खुल चुका है, उसी तर्ज पर पाटन में पशु जिला अस्पताल खोला जाना चाहिए।
पशुपालकों ने बताया कि पाटन एवं आसपास की तहसीलों के परिक्षेत्र में 7 लाख से अधिक पशुधन मौजूद है। वर्तमान में सीकर और झुंझुनूं में वेटरनरी पॉलीक्लिनिक स्थित हैं, लेकिन पाटन क्षेत्र के ग्रामीणों को वहां तक पहुंचने में 125 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और आर्थिक भार दोनों बढ़ता है।
विशेषज्ञ सेवाएं होंगी उपलब्ध
वेटरनरी पॉलीक्लिनिक की स्थापना से मेडिसिन, सर्जरी और पशु मादा रोग विशेषज्ञों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी। इसके साथ ही छोटे-बड़े पशुओं के लिए अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर, दोनों पारियों में चिकित्सा सुविधा और आवश्यकता होने पर इंडोर वार्ड में भर्ती की सुविधा भी मिलेगी।
यहां सिजेरियन, पथरी, हर्निया, हॉर्न कैंसर, रूमेनोटोमी, बधियाकरण जैसे जटिल ऑपरेशन संभव हो सकेंगे। समय पर जांच और विशेषज्ञ उपचार मिलने से पशुओं की मृत्युदर में कमी आएगी।
गौशालाओं को भी मिलेगा लाभ
क्षेत्र की 100 से अधिक गौशालाओं में संधारित गौवंश एवं निराश्रित पशुओं को बेहतर उपचार सुविधाएं मिलेंगी। रोग फैलने की स्थिति में विशेषज्ञों की उपलब्धता और आधुनिक जांच सुविधाओं से त्वरित नियंत्रण संभव होगा। एक्स-रे, सोनोग्राफी सहित अन्य जांचों से रोग की जल्द पहचान और तत्काल उपचार शुरू किया जा सकेगा।
बजट घोषणाओं से मजबूत हुई दावेदारी
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने बजट सत्र 2024-25 और 2025-26 में प्रत्येक वर्ष 25 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालयों को बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की घोषणा की है। इसी क्रम में पाटन सभी मापदंड पूरे करता है, जिससे यहां पशु जिला अस्पताल की दावेदारी और मजबूत हो गई है।
इनका कहना है की
वेटरनरी पॉलीक्लिनिक की स्थापना से विशिष्ट पशुचिकित्सा सर्जरी, गायनी, मेडिसिन सेवाएं सुनिश्चित होंगी। दूर दराज के पशुपालकों को 24 घंटे उपचार सुविधा मिलेगी। पशुपालकों का समय, पैसा बचेगा और पशु मृत्युदर में कमी आएगी – डॉ योगेश आर्य, पशुचिकित्सा विशेषज्ञ, नीमकाथाना
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