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GIVE UP अभियान के तहत अपात्र लाभार्थियों को नाम हटवाने का अंतिम अवसर, अंतिम तिथि 28 फरवरी


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GIVE UP अभियान के तहत अपात्र लाभार्थियों को नाम हटवाने का अंतिम अवसर, अंतिम तिथि 28 फरवरी

GIVE UP अभियान के तहत अपात्र लाभार्थियों को नाम हटवाने का अंतिम अवसर, अंतिम तिथि 28 फरवरी

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : चंद्रकांत बंका

झुंझुनूं : खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग जयपुर के निर्देशानुसार जिले में GIVE UP अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल अपात्र लाभार्थियों को 28 फरवरी तक अपना नाम हटवाने का अवसर प्रदान किया गया है। जिला रसद अधिकारी डॉ. निकिता राठौड़ ने बताया कि जिन परिवारों में कोई सदस्य आयकरदाता है, या सरकारी, अर्द्ध सरकारी अथवा स्वायत्तशासी संस्था में कर्मचारी या अधिकारी है, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये से अधिक है, जिनके पास चार पहिया वाहन है, अथवा जिनके पास ग्रामीण क्षेत्र में 2000 वर्गफीट से अधिक एवं शहरी क्षेत्र में 1500 वर्गफीट से अधिक स्वयं का निर्मित आवास है, वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लिए अपात्र हैं। इसके अलावा जिन परिवारों के सभी सदस्यों के स्वामित्व में कुल कृषि भूमि लघु कृषक के लिए निर्धारित सीमा से अधिक है, वे भी योजना के दायरे में नहीं आते।

उन्होंने बताया कि ऐसे अपात्र परिवार 28 फरवरी से पूर्व स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर GIVE UP अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटवा सकते हैं या नजदीकी ई-मित्र केंद्र से सहयोग ले सकते हैं।

जिला रसद अधिकारी ने बताया कि कई उपभोक्ता गेहूं लेना बंद कर देते हैं, लेकिन योजना से नाम नहीं कटवाते। ऐसे मामलों में यदि कोई लाभार्थी लगातार छह माह तक गेहूं का उठाव नहीं करता है, तो उसका नाम स्वतः ही खाद्य सुरक्षा योजना से हटा दिया जाएगा।

डॉ. राठौड़ ने जानकारी दी कि झुंझुनूं जिले में अब तक कुल 19,139 राशनकार्डों तथा उनसे जुड़े लगभग 1,49,910 यूनिटों को खाद्य सुरक्षा योजना से हटाया जा चुका है। विभाग द्वारा अपात्र राशनकार्डों की सूची संबंधित उचित मूल्य दुकानदारों को भेजी जा रही है तथा उनका सत्यापन कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने अपात्र लाभार्थियों को अंतिम अवसर देते हुए कहा कि यदि वे स्वेच्छा से योजना से अपना नाम नहीं हटवाते हैं, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रति किलोग्राम 30.57 रुपये की दर से वसूली की कार्रवाई की जाएगी।

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