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जयपुर एम्बुलेंस हादसे में बचा युवक बोला-कोई मदद नहीं मिली:हार्ट पेशेंट भाई का ऑक्सीजन मास्क हट गया था, ड्राइवर के साथ बैठा भाई सड़क पर लटका


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जयपुर एम्बुलेंस हादसे में बचा युवक बोला-कोई मदद नहीं मिली:हार्ट पेशेंट भाई का ऑक्सीजन मास्क हट गया था, ड्राइवर के साथ बैठा भाई सड़क पर लटका

जयपुर एम्बुलेंस हादसे में बचा युवक बोला-कोई मदद नहीं मिली:हार्ट पेशेंट भाई का ऑक्सीजन मास्क हट गया था, ड्राइवर के साथ बैठा भाई सड़क पर लटका

जयपुर : जयपुर में हार्ट पेशेंट को लेकर आ रही एम्बुलेंस पलटने से मरीज समेत 2 की मौत हो गई थी। हादसे में कार्डियक मरीज सिराजुद्दीन (57) और उनके भाई अब्दुल फिरोज (52) ने दम तोड़ दिया था। वहीं, चार लोग घायल हो गए। घायलों में दोनों मृतकों का छोटा भाई आमीन चौहान (42) भी शामिल था।

आमीन ने बताया- एंबुलेंस तेज रफ्तार में चल रही थी। अचानक वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के दौरान हार्ट पेशेंट सिराजुद्दीन का ऑक्सीजन मास्क हट गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। लेकिन किसी ने हमारी मदद नहीं की। आमीन ने बताया- ड्राइवर के पास आगे बैठे भाई अब्दुल फिरोज अचानक गिरकर सड़क की ओर लटक गए। इससे उनके सिर में गंभीर चोट लगी और उनकी भी मौत हो गई। परिवार के अन्य लोगों भी चोटें आई हैं, हालांकि उनकी हालत स्थिर है।

‘कोई मदद नहीं मिली, समय पर ऑक्सीजन होती तो जान बच सकती थी’

मृतक के भाई आमीन का आरोप है कि हादसे के बाद मौके पर कोई मेडिकल सहायता नहीं मिली। यदि समय रहते ऑक्सीजन सपोर्ट मिलता और मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाता। शायद सिराजुद्दीन की जान बच सकती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि एंबुलेंस में मौजूद स्टाफ ने हादसे के बाद पर्याप्त मदद नहीं की।

अस्पताल और ड्राइवर पर लापरवाही के आरोप

मृतक के भाई आमीन ने बराला हॉस्पिटल पर भी गंभीर आरोप लगाए। आमीन ने कहा- चिरंजीवी योजना की लिमिट खत्म होने का हवाला देकर अस्पताल ने मरीज को शिफ्ट करने को कहा। डॉक्टर टीम भेजने की बात कहकर 3500 रुपेए भी लिए गए। लेकिन एंबुलेंस में पर्याप्त मेडिकल सपोर्ट नहीं था।

परिजनों ने आशंका जताई कि हो सकता है कि ड्राइवर ने शराब पी रखी हो। जिस कारण तेज रफ्तार में एंबुलेंस चलाने से हादसा हुआ।

दोनों मृतक परिवार के एकमात्र कमाने वाले

चचेरे भाई मोहम्मद असलम ने बताया सिराजुद्दीन अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। उनके परिवार में पांच बेटियां और एक छोटा बेटा है। वहीं अब्दुल फिरोज के भी पांच बेटियां और दो बेटे हैं। फिरोज कसाइयों को बकरे सप्लाई करने का काम करते थे।

पुलिस का बयान

एक्सीडेंट थाना वेस्ट के जांच अधिकारी रघुनंदन शर्मा ने बताया- एंबुलेंस में कुल सात लोग सवार थे। तेज रफ्तार के कारण वाहन पलट गया। हादसे में मरीज सिराजुद्दीन और उनके भाई अब्दुल फिरोज की मौत हुई है। ड्राइवर प्रकाश के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि चार अन्य लोग घायल हैं। मामले की जांच की जा रही है।

क्या है मामला

झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के गुढ़ागौड़जी​​ निवासी कार्डियक पेशेंट सिराजुद्दीन को हार्ट की गंभीर समस्या थी। उन्हें चौमूं स्थित बराला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की ओर से उन्हें जयपुर के मानसरोवर स्थित एक निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की बात कही गई। इसके बाद 27 जनवरी की शाम करीब 7 बजे एंबुलेंस मरीज को लेकर रवाना हुई।

एंबुलेंस में मरीज सिराजुद्दीन के साथ उनके चार भाई, ड्राइवर और नर्सिंग स्टाफ मौजूद थे। वहीं, परिवार के अन्य सदस्य दूसरी गाड़ी से एंबुलेंस के पीछे-पीछे चल रहे थे। अस्पताल से दोनों गाड़ियां एक साथ निकली थीं, लेकिन ट्रैफिक जाम और रेड लाइट के कारण पीछे चल रही गाड़ी रुक गई। करीब 15 मिनट बाद जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि एंबुलेंस सड़क पर पलटी हुई थी।

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