[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

तारानगर पुलिस ने भैंस चोरी गिरोह के तीन आरोपी पकड़े:चोरी की भैंस, टैम्पो और रैकी में इस्तेमाल कार जब्त


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चूरूटॉप न्यूज़तारानगरराजस्थानराज्य

तारानगर पुलिस ने भैंस चोरी गिरोह के तीन आरोपी पकड़े:चोरी की भैंस, टैम्पो और रैकी में इस्तेमाल कार जब्त

तारानगर पुलिस ने भैंस चोरी गिरोह के तीन आरोपी पकड़े:चोरी की भैंस, टैम्पो और रैकी में इस्तेमाल कार जब्त

तारानगर : चूरू की तारानगर पुलिस ने रात के समय घरों में घुसकर भैंस चोरी करने वाले एक गिरोह के तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने चोरी की वारदात में इस्तेमाल किया गया छोटा हाथी टैम्पो और रेकी के लिए प्रयुक्त कार को भी जब्त कर लिया है। चोरों की निशानदेही पर चोरी की गई भैंस को भी बरामद कर लिया गया है।

तारानगर थानाधिकारी सतपाल बिश्नोई ने बताया कि तारानगर के वार्ड 13 निवासी महबूब अली ने भैंस चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस अलर्ट हो गई और त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।

फुटेज में सामने आया कि एक छोटा हाथी टैम्पो और एक कार में सवार अज्ञात लोग भैंस चोरी करने आए थे। वे भैंस और भैंस के बच्चे को चुराकर राजगढ़ की तरफ भागे थे। पुलिस ने तुरंत राजगढ़ पुलिस को सूचना देकर नाकाबंदी करवाई और एक टीम को राजगढ़ की ओर रवाना किया।

पुलिस टीम चोरों की तलाश में राजगढ़ के पिलानी पुलिया के पास पहुंची। वहां एक टैम्पो में भैंस और भैंस का बच्चा तथा उसे एस्कॉर्ट कर रही एक कार दिखी, जिसमें तीन लोग सवार थे। पुलिस ने कार से भिवानी, हरियाणा निवासी सतीश जांगड़ा (62), भिवानी, हरियाणा निवासी प्रिंस नाई (20) और लुधियाना, पंजाब निवासी अजय तंवर नाई (29) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने टैम्पो में भरी हुई भैंस और भैंस के बच्चे को भी बरामद कर लिया।

प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने भैंस चोरी करने का एक गिरोह बनाया हुआ है। वे रात के समय संगठित होकर घरों के बाहर खाली प्लॉट में बंधी हुई भैंसों की रेकी करते थे और मौका देखकर उन्हें अपने साथ लाए गए वाहनों में भरकर ले जाते थे।

इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में तारानगर थानाधिकारी सतपाल बिश्नोई, रामचंद्र और साइबर सेल इंचार्ज एएसआई भागीरथ शामिल थे। इस मामले में एएसआई महेशचंद्र, कॉन्स्टेबल राजेंद्र कुमार, ओमप्रकाश और अजीत सिंह की भी विशेष भूमिका रही।

Related Articles