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सीकर पुलिस का 25 हजार का इनामी बदमाश सुमेर गिरफ्तार:कान पकड़कर कहा-आगे से कोई अपराध नहीं करूंगा, पुलिस के डर से किया था कोर्ट में सरेंडर


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सीकर पुलिस का 25 हजार का इनामी बदमाश सुमेर गिरफ्तार:कान पकड़कर कहा-आगे से कोई अपराध नहीं करूंगा, पुलिस के डर से किया था कोर्ट में सरेंडर

सीकर पुलिस का 25 हजार का इनामी बदमाश सुमेर गिरफ्तार:कान पकड़कर कहा-आगे से कोई अपराध नहीं करूंगा, पुलिस के डर से किया था कोर्ट में सरेंडर

सीकर : सीकर की बलारां थाना पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश सुमेर सिंह उर्फ वसूली को आज गिरफ्तार किया है। पुलिस के डर से आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जिसके बाद आज पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया।

बलारां थाना SHO विक्रम सिंह के अनुसार आरोपी सुमेर सिंह उर्फ वसूली (32) पुत्र ताराचंद जाट निवासी बैरास ने 6 जनवरी को लक्ष्मणगढ़ कोर्ट में सरेंडर किया था। जिसे आज हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। आरोपी जिले के टॉप 10 बदमाशों में शामिल है। आरोपी वसूली गैंग का मुख्य सरगना है।

जिसने 15 अगस्त 2025 को वर्चस्व की लड़ाई को लेकर बीएल ग्रुप पर फायरिंग करके बीएल ग्रुप के विकास कुमार को जान से मारने की कोशिश की थी। इस संबंध में विकास ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया था कि वह अपने दोस्तों के साथ अलग-अलग गाड़ियों में लक्ष्मणगढ़ से केरु की तरफ जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में छाजूओ की ढाणी के पास कैंपर गाड़ी में सवार लोगों ने हथियार दिखाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद वह गाड़ी आगे आई और फिर विकास की गाड़ी को टक्कर मारी। कैंपर गाड़ी में सुमेर सहित अन्य बदमाश बैठे हुए थे।

यह सभी हाथों में सरिए,पाइप और पिस्टल लिए हुए थे। ऐसे में विकास और उसके साथ बैठे नरेंद्र ने भागने की कोशिश की तो सुमेर ने जान से मारने के लिए अपनी पिस्टल से फायर किया। विकास नीचे झुक गया ऐसे में वह बच गया। इसके बाद नरेंद्र के पैर पर सरिए से मारा गया और विकास के पैर पर पिस्टल से फायर किया गया। साथ ही उनकी गाड़ी को भी तोड़फोड़ दिया गया।

इस घटना के बाद से पुलिस ने मामले में वसूली गैंग के 7 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन मास्टरमाइंड लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने लगातार उसका पीछा किया। पुलिस से बचने के लिए मास्टरमाइंड सुमेर लखनऊ, दिल्ली, पंजाब,असम, उत्तराखंड और नेपाल बॉर्डर तक फरारी काट कर आया। लेकिन पुलिस द्वारा लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दी जा रही दबिश की वजह से वह सरेंडर करने को मजबूर हो गया। जिसने 6 जनवरी को लक्ष्मणगढ़ कोर्ट में सरेंडर किया। गिरफ्तारी में सीकर की डीएसटी टीम के इंचार्ज वीरेंद्र सिंह और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। जो लगातार आरोपी के पीछे लग रहे और अंत में पुलिस के डर से आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

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