सिंघाना के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी:ड्यूटी पर 5 में से केवल 2 डॉक्टर, बिना इलाज के वापस लौट रहे मरीज
सिंघाना के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी:ड्यूटी पर 5 में से केवल 2 डॉक्टर, बिना इलाज के वापस लौट रहे मरीज
सिंघाना : सिंघाना स्थित राजकीय सामुदायिक अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में पांच डॉक्टरों के स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल दो डॉक्टर ही कार्यरत हैं। मंगलवार को ग्रामीणों ने अस्पताल प्रभारी को सीएमएचओ के नाम ज्ञापन सौंपा। यह अस्पताल आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए एकमात्र चिकित्सा केंद्र है। डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ रहा है।
रोजाना 500 मरीज हो रहे परेशान
मौजूदा दो डॉक्टरों को पोस्टमार्टम, एमएलसी, मीटिंग सहित अन्य काम भी करने पड़ते हैं। मौसमी बीमारियों के चलते रोजाना लगभग 500 मरीज उपचार के लिए आते हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण कई मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ता है।
सिंघाना का राजकीय अस्पताल क्षेत्र का एकमात्र बड़ा अस्पताल है, जिसके अधीन करीब 40 गांव आते है। इसके बावजूद भी यहां चिकित्सा व्यवस्था बेहतर बनाने कों लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी
कुछ दिन पहले एसडीएम और सीएमएचओ ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। उन्होंने जिला कलेक्टर को स्थिति से अवगत कराते हुए डॉक्टरों की नियुक्ति का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
ज्ञापन देने वालों में नौरंग डांगी, राजेश कुमार, बाबूलाल, राधेश्याम, फूलचंद, घीसाराम, पिंटू भार्गव, महिपाल, श्रीराम, विकास और नौरंग लाल सहित कई ग्रामीण शामिल थे।
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