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‘सांसद बेनीवाल इतिहास से अनजान, विचारों से दरिद्र हो चुके’:धनंजय सिंह बोले- समय आने पर लोग जवाब देंगे; भाजपा प्रभारी ने कहा-ये राजस्थान का अपमान


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‘सांसद बेनीवाल इतिहास से अनजान, विचारों से दरिद्र हो चुके’:धनंजय सिंह बोले- समय आने पर लोग जवाब देंगे; भाजपा प्रभारी ने कहा-ये राजस्थान का अपमान

'सांसद बेनीवाल इतिहास से अनजान, विचारों से दरिद्र हो चुके':धनंजय सिंह बोले- समय आने पर लोग जवाब देंगे; भाजपा प्रभारी ने कहा-ये राजस्थान का अपमान

नागौर : नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के 15 मई को जयपुर में दिए बयान को लेकर अब सियासत गरमा गई है। सांसद के बयान को लेकर हेल्थ मिनिस्टर गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे और जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष धनंजय सिंह खींवसर ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला है।

धनंजय सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा- सांसद बेनीवाल इतिहास से अनजान हैं, वे विचारों से दरिद्र हो चुके हैं। उनके बयानों से यह साबित होता है कि न तो उनको भारत के गौरवशाली इतिहास की समझ है और न ही राजस्थान की माटी के मर्म की कोई अनुभूति।

पहले जानिए- बेनीवाल ने क्या बयान दिया था

सांसद बेनीवाल ने एसआई भर्ती रद्द कराने के लिए जयपुर में चल रहे धरने में कहा था, राजस्थान के लोगों ने लड़ाई नहीं लड़ी। महाराजा सूरजमल और एक-दो को छोड़ दें, तो यहां किसी ने लड़ाई नहीं लड़ी।

यहां जिन लोगों ने राज किया, उन्होंने मुगलों को अपनी बेटियां दे दीं। मुगलों से संधि की और राज के मजे लिए। जब मुगलों की सेना आक्रमण करने आती थी, तो 70 किलोमीटर दूर से ही कह देते थे, कि बेटी लेकर आ रहे हैं, यहां मत आना।

धनंजय सिंह खींवसर ने कहा- इतिहास से खेलने वालों को इतिहास ही सबसे कठोर दंड देता है और राजस्थान का इतिहास तो न्याय भी शौर्य के साथ करता है।
धनंजय सिंह खींवसर ने कहा- इतिहास से खेलने वालों को इतिहास ही सबसे कठोर दंड देता है और राजस्थान का इतिहास तो न्याय भी शौर्य के साथ करता है।

धनंजय सिंह बोले- राजस्थान के स्वाभिमान को नीचा दिखाने का प्रयास किया

धनंजय सिंह ने कहा- राजस्थान के इतिहास पर उनकी सस्ती राजनीति और दुष्प्रेरित बयानों का उतना ही असर होगा, जितना रेगिस्तान में एक बूंद पानी का होता है। उनकी विकृत मानसिकता और संकीर्ण सोच अब घृणा नहीं, बल्कि दया का विषय बनती जा रही है। बेनीवाल ने राजस्थान के स्वाभिमानी भू-भाग को नीचा दिखाने का प्रयास किया है।

धनंजय सिंह ने कहा-

बेनीवाल ने शायद पढ़ा नहीं है, अगर भारत के इतिहास से राजस्थान को निकाल दिया जाए, तो शेष इतिहास एक सामान्य कथा बनकर रह जाएगा, वो खुद को पढ़ा-लिखा बताकर दूसरों को दिन-रात ‘अनपढ़’ ठहराते रहते हैं, जबकि उनको अपने शब्दों का भी ज्ञान नहीं है।

बेनीवाल की कोशिश सफल नहीं होगी

धनंजय सिंह ने कहा- बेनीवाल की युवाओं को भड़काकर समाज को जात-पात में बांटकर और नफरत का जहर घोलकर अपनी सियासत बचाने की ये घटिया कोशिश न तो सफल होंगी और न लोग इसे स्वीकार करेंगे। बेनीवाल संवैधानिक पद पर हैं, लेकिन उनके बयान संविधान की मर्यादा को ठेस पहुंचाते हैं। राजस्थान की जनता सब देख रही है और सुन रही है, समय आने पर जनता करारा जवाब देगी। इतिहास से खेलने वालों को इतिहास ही सबसे कठोर दंड देता है और राजस्थान का इतिहास तो न्याय भी शौर्य के साथ करता है।

बेनीवाल के बयान पर भाजपा प्रदेश प्रभारी ने ट्वीट किया

शीला गोगामेड़ी बोलीं- हर बहन-बेटी पूरे गांव की होती हैं सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की पत्नी शीला गोगामेड़ी ने कहा- बहन-बेटियां सभी समाजों में होती हैं। गांव की हर बहन-बेटी पूरे गांव की होती है। ये एक जातीय मानसिक कीड़ा है, क्योंकि जातीय घृणा फैलाने वाले इन्हीं में से निकलकर आते हैं। अपनी राजनीति चमकाने के लिए। लोग इन्हें जानते नहीं है कि ये सस्ती पॉपुलैरिटी के लिए ऐसे काम करते हैं, महापुरुषों के बारे में उल्टा बोलते हैं। जब इनको कोई नहीं पूछता तो ऐसी ओछी बातें करते हैं।

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