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स्पॉट बिलिंग में नीमकाथाना सर्कल अव्वल, उदयपुर फिसड्‌डी:पहले महीने में 80% टारगेट अचीव किया; डिस्कॉम का दावा- दूर करेंगे खामियां


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स्पॉट बिलिंग में नीमकाथाना सर्कल अव्वल, उदयपुर फिसड्‌डी:पहले महीने में 80% टारगेट अचीव किया; डिस्कॉम का दावा- दूर करेंगे खामियां

स्पॉट बिलिंग में नीमकाथाना सर्कल अव्वल, उदयपुर फिसड्‌डी:पहले महीने में 80% टारगेट अचीव किया; डिस्कॉम का दावा- दूर करेंगे खामियां

नीमकाथाना : अजमेर डिस्कॉम की ओर से शुरू किए गए स्पॉट बिलिंग में इस महीने नीमकाथाना सर्कल अव्वल है, वहीं उदयपुर सर्कल फिसड्‌डी रहा है। जनवरी के पहले महीने में 80 प्रतिशत स्पॉट बिलिंग की गई। वहीं फरवरी माह में 85.15 प्रतिशत टारगेट अचीव कर लिया गया है।

फरवरी महीने की बात करें तो 17 जिलों में नीमकाथाना, केकड़ी, प्रतापगढ़, ब्यावर सीकर ने सबसे ज्यादा स्पॉट बिलिंग की। वहीं सबसे कम उदयपुर, सलूम्बर, बांसवाड़ा, डीडवाना, कुचामन ने स्पॉट बिलिंग की।

डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता (आईटी) एच.आर. कालेर ने बताया- जनवरी से स्पॉट बिलिंग की शुरुआत की गई। इसमें कुछ तकनीकी इश्यू भी रहे और इनको दूर किया जा रहा है। इस माह शत प्रतिशत स्पॉट बिलिंग कर ली जाएगी।

अजमेर डिस्कॉम के अधीन अजमेर, नागौर, चित्तौड़गढ़, सीकर, उदयपुर, झुंझुनूं, भीलवाड़ा, राजसमंद , बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, ब्यावर, केकड़ी, डीडवाना-कुचामनसिटी, नीम का थाना, सलूंबर, शाहपुरा सर्कल है।
अजमेर डिस्कॉम के अधीन अजमेर, नागौर, चित्तौड़गढ़, सीकर, उदयपुर, झुंझुनूं, भीलवाड़ा, राजसमंद , बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, ब्यावर, केकड़ी, डीडवाना-कुचामनसिटी, नीम का थाना, सलूंबर, शाहपुरा सर्कल है।

टॉप-5 सर्कल व उनका बिलिंग प्रतिशत

  • नीमकाथाना 95.50 प्रतिशत
  • केकड़ी सर्कल 95.47 प्रतिशत
  • प्रतापगढ़ सर्कल 95.31 प्रतिशत
  • ब्यावर सर्कल 93.66 प्रतिशत
  • सीकर सर्कल 93.57 प्रतिशत

लूजर-5 सर्कल व उनका बिलिंग प्रतिशत

  • उदयपुर सर्कल 68.48 प्रतिशत
  • सलूम्बर सर्कल 69.30 प्रतिशत
  • बांसवाड़ा सर्कल 75.54 प्रतिशत
  • डीडवाना कुचामन 77.83 प्रतिशत
  • नागौर सर्कल 81.09 प्रतिशत

इन सर्कल का यह रहा अचीवमेंट

  • राजसमंद सर्कल 90.43 प्रतिशत
  • शाहपुरा सर्कल 90.47 प्रतिशत
  • डूंगरपुर सर्कल 85.88 प्रतिशत
  • झुंझुनूं सर्कल 89.38 प्रतिशत
  • अजमेर सर्कल 89.50 प्रतिशत
  • भीलवाड़ा सर्कल 87.69 प्रतिशत
  • चित्तौडगढ़ सर्कल 86.05 प्रतिशत
डिस्कॉम का दावा है कि कार्मिकों की ओर से बताई समस्याओं के समाधान के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
डिस्कॉम का दावा है कि कार्मिकों की ओर से बताई समस्याओं के समाधान के भी प्रयास किए जा रहे हैं।

यह समस्याएं भी आ रही सामने (जैसा कि कर्मचारियों ने शिकायत में बताया)

  • BCITS द्वारा दिए गए कंप्यूटर में AMD Ryzen 5000 प्रोसेसर हैं, लेकिन इनमें माइ‌क्रोसॉफ्ट ऑफिस ही नहीं है।
  • BCITS द्वारा सबडिवीजन कार्यालय में आईटी सपोर्ट के लिए जो कर्मी नियुक्त किया गया है, उसे न तो सॉफ्टवेयर की जानकारी है और न ही हार्डवेयर की।
  • BCITS द्वारा ब्लूटूथ मोबाइल प्रिंटर की गुणवत्ता घटिया है। यह बार-बार कनेक्ट और डिस्कनेक्ट होता है और यह मोबाइल से ब्ल्यूटूथ के माध्यम से कनेक्ट नहीं हो पा रहा है।
  • मोबाइल सिम में नेटवर्क की स्पीड कम है। इसके अलावा कर्मचारियों को यह निर्देश दिया जा रहा है कि वे अपने व्यक्तिगत मोबाइल का हॉटस्पॉट इस्तेमाल करें।
  • BCITS द्वारा बनाए गए सॉफ्टवेयर में उपभोक्ताओं के बिलों में कई अनियमितताएं हैं। उदाहरण के लिए, एक उपभोक्ता को जिस बिल की राशि दिखाई जा रही है, वह अलग होती है, जब वह बिल ऑनलाइन जमा करता है तो उसमें भी राशि में भिन्नता होती है।
  • सॉफ़्टवेयर की ओर से जो बिल जारी किए जा रहे हैं, वे टैरिफ और टीसीओएस के अनुसार नहीं हैं। सॉफ्टवेयर कंपनी के पास इसका कोई समाधान नहीं है, न ही कोई हेल्प डेस्क उपलब्ध है। इससे उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
कार्मिकों की ओर से लिखा गया पत्र।
कार्मिकों की ओर से लिखा गया पत्र।

स्पॉट बिलिंग को लेकर ये किया गया था दावा

  • उपभोक्ता को शिकायत रहती थी कि बिल समय पर नहीं मिला। मीटर रीडर रीडिंग सही नहीं ले रहे। इस समस्या का समाधान स्पॉट बिलिंग से मिलेगा। मीटर रीडर, तकनीकी कर्मचारी उपभोक्ता के घर जाएगा। मौके पर रीडिंग लेकर हाथों-हाथ उपभोक्ता का बिल जारी करेगा। जिससे यह शिकायत खत्म होगी।
  • उपभोक्ता को बिजली बिल एवं गलत रीडिंग के लिए बार-बार ऑफिस का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। कर्मचारियों को भी उपभोक्ता के समस्याओं के समाधान में लगने वाले समय में बचत होगी, कर्मचारी को निगम का अन्य कार्य करने के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा।
  • निगम के टैरिफ के अनुसार उपभोक्ता बिजली का बिल ड्यू डेट अंतिम तिथि से 10 दिन पहले जमा करता है तो 0.35% और 7 दिन पहले बिजली का बिल जमा करता है तो पॉइंट 15% बिल राशि के छूट का लाभ ले सकता है ।
  • मीटर रीडिंग के लिए मीटर रीडर एवं तकनीकी कर्मचारियों को उपभोक्ता के घर कार्यालय, फैक्ट्री में जाकर लेना होगा। रीडिंग व बिलिंग के लिए मीटर रीडर एवं तकनीकी कर्मचारी को इंस्ट्रूमेंट मिला। उसमें जीपीएस सिस्टम है। ऐसे में ऑनलाइन निगरानी रहेगी।

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