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दादा के सपने को अपना लक्ष्य बनाया, डॉ. जय पारीक ने हासिल की डॉक्टर बनने की मंजिल


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दादा के सपने को अपना लक्ष्य बनाया, डॉ. जय पारीक ने हासिल की डॉक्टर बनने की मंजिल

दादा के सपने को अपना लक्ष्य बनाया, डॉ. जय पारीक ने हासिल की डॉक्टर बनने की मंजिल

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : शैलेंद्र पारीक

डूंडलोद : कुछ सपने केवल किसी एक व्यक्ति के नहीं होते, बल्कि पूरे परिवार की विरासत बन जाते हैं। ऐसा ही एक सपना डूंडलोद निवासी डॉ. जय पारीक ने साकार किया है। विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारत में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन द्वारा आयोजित फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर अपने दिवंगत दादाजी स्वर्गीय ओमजी महाराज की अंतिम इच्छा पूरी कर दी। इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

नवलगढ़ नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष एवं समाजसेवी कैलाश चोटिया ने बताया कि स्वर्गीय ओमजी महाराज की हमेशा से इच्छा थी कि उनका पौत्र ऐसा डॉक्टर बने, जो केवल चिकित्सा ही नहीं, बल्कि मानवता की निस्वार्थ सेवा भी करे। वे अक्सर कहा करते थे कि डॉक्टर का सबसे बड़ा धर्म मानव सेवा है। उनके इन्हीं संस्कारों ने बचपन से जय के मन में सेवा का भाव विकसित किया और उसी प्रेरणा से उन्होंने वर्षों तक कठिन परिश्रम किया।

उन्होंने बताया कि जय की दादी श्रीमती विमला देवी पारीक का स्नेह और आशीर्वाद हर कदम पर उनके साथ रहा। वहीं चाचा शंकर (मिंटू) पारीक ने भी हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया और पूरा सहयोग दिया। परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर उस सपने को जीवित रखा, जिसे स्वर्गीय ओमजी महाराज ने वर्षों पहले देखा था।

कैलाश चोटिया ने कहा कि आज जब जय एक डॉक्टर के रूप में समाज की सेवा के लिए तैयार हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है कि स्वर्गीय ओमजी महाराज का सपना साकार हो गया है और उनकी आत्मा भी इस उपलब्धि पर गौरवान्वित होगी।

डॉ. जय पारीक के पिता अशोक पारीक ने बताया कि बचपन में जय का सपना डॉक्टर नहीं, बल्कि पायलट बनने का था। लेकिन जब उन्होंने अपने दादाजी की इच्छा को जाना, तो बिना किसी हिचकिचाहट के अपना सपना बदल लिया और डॉक्टर बनने का संकल्प लिया।

अशोक पारीक ने कहा कि जय ने अपनी व्यक्तिगत इच्छा से पहले अपने दादाजी के सपने को प्राथमिकता दी। उन्होंने दिन-रात मेहनत कर डॉक्टर बनने का लक्ष्य हासिल किया और आज परिवार की वर्षों पुरानी भावना और विश्वास को नई पहचान दी है। परिजनों ने विश्वास जताया कि डॉ. जय पारीक एक सफल चिकित्सक के रूप में पीड़ित मानवता की सेवा करते हुए परिवार, समाज और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।

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