शिक्षक-भर्ती परीक्षा में पहले दिन लेवल-1 का पेपर रहा ‘टफ’:शिक्षण विधियों के गायब होने से परीक्षार्थी मायूस, बोले- आउट ऑफ सिलेबस थे सवाल
REET परीक्षा लेवल-1 में 12 हजार अभ्यर्थी पहुंचे:सुबह 9 बजे बंद हुए परीक्षा केंद्रों के गेट, देरी वालों को नहीं मिला प्रवेश
झुंझुनूं : राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा का आगाज शनिवार को लेवल-1 (सामान्य शिक्षा) की परीक्षा के साथ हुआ। झुंझुनूं जिला मुख्यालय सहित बगड़ और नवलगढ़ में बनाए गए 39 परीक्षा केंद्रों पर एक ही पारी में परीक्षा आयोजित की गई। जिले में करीब 12 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
सुबह 9 बजे बंद हुए गेट, देरी वालों को नहीं मिला प्रवेश
परीक्षा केंद्रों पर सुबह 8 बजे से प्रवेश शुरू हुआ, लेकिन बोर्ड की सख्त गाइडलाइन के अनुसार ठीक 9 बजे सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। एक मिनट की देरी पर भी किसी को प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे कई अभ्यर्थी बाहर ही रह गए।
सघन तलाशी, मेटल डिटेक्टर से जांच
परीक्षा को नकलमुक्त रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। हर अभ्यर्थी की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। महिला अभ्यर्थियों को दुपट्टे, स्कार्फ और कैप बाहर रखवाए गए। उड़न दस्तों ने लगातार केंद्रों का निरीक्षण किया।
सुबह 10 से 12:30 बजे तक चली परीक्षा
लेवल-1 की परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 12:30 बजे तक चली। इस बार बोर्ड ने अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र की बुकलेट और ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी साथ ले जाने की अनुमति दी।
जिले में 12 हजार अभ्यर्थी, 39 केंद्र बनाए
जिले में लेवल वन परीक्षा के लिए करीब 12 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा के संचालन के लिए झुंझुनूं शहर, बगड़ और नवलगढ़ में कुल 39 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
कार्बन कॉपी और बुकलेट ले जाने की अनुमति
इस बार बोर्ड ने अभ्यर्थियों को परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र की बुकलेट और ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी अपने साथ ले जाने की अनुमति दी है। इससे अभ्यर्थी बाद में अपने उत्तरों का मिलान कर सकेंगे।
पेपर को लेकर अभ्यर्थियों की नाराजगी
परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने पेपर को काफी कठिन (टफ) बताया। जेपी स्कूल केंद्र से निकली महिला अभ्यर्थियों का कहना था कि पेपर सिलेबस से बाहर लगा। सबसे ज्यादा निराशा इस बात की रही कि शिक्षण विधियों (Teaching Methods) से जुड़े प्रश्न लगभग नहीं पूछे गए, जबकि इसी भाग की सबसे अधिक तैयारी की जाती है।
विश्लेषणात्मक प्रश्नों ने उलझाया
अभ्यर्थी अमित ने बताया कि पेपर में तथ्यात्मक प्रश्न कम और विश्लेषणात्मक प्रश्न ज्यादा थे। कथन-व्याख्या आधारित प्रश्नों की संख्या अधिक होने से समय प्रबंधन मुश्किल हो गया। उनका कहना था कि यह पेपर सामान्य स्तर से कहीं ज्यादा कठिन था।
रोडवेज में अतिरिक्त बसें
बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों को देखते हुए रोडवेज की अतिरिक्त बसें चलाई गईं, ताकि किसी को आवागमन में परेशानी न हो। कुल मिलाकर, परीक्षा शांतिपूर्ण रही, लेकिन पेपर के स्तर और सिलेबस से हटकर पूछे गए सवालों को लेकर अभ्यर्थियों में असंतोष साफ नजर आया।


सुरक्षा के चलते स्कार्फ, दुपट्टे और कैप रखवाई बाहर
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