“27 अप्रैल को पूरा देश मनाएगा गो सम्मान दिवस”
“गोमाता को सम्मान दिलाने हेतु ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ का आगाज श्री बुधगिरि मढ़ी से”
फतेहपुर शेखावाटी : बुधगिरि महाराज की दिव्य तपोस्थली एवं ऐतिहासिक प्रसिद्ध सिध्द पीठ में शुक्रवार को गो सम्मान आह्वान अभियान की विराट सभा शेखावाटी सहित सम्पूर्ण राजस्थान के पूज्य संतो, महंतों के पावन सानिध्य में सम्पन्न हुई। बैठक में संतों, गोभक्तों और गोसेवकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यह अभियान किसी संस्था, संगठन या राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं, बल्कि गौमाता और नंदी बाबा के सानिध्य में संचालित होगा। बैठक में उपस्थित संतों और गोसेवकों ने एक स्वर में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनवाना है।
उपस्थित संतों ने सरकार से आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गोहत्या और गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो तथा जब्त किए गए वाहनों को गोशालाओं के उपयोग में लाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं, पंचगव्य औषधियों का आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में नि:शुल्क वितरण किया जाए तथा सरकारी भवनों में गोबर पेंट और गौनाइल का उपयोग अनिवार्य किया जाए। गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए, बिजली बिल में छूट मिले और निराश्रित गौवंश की सेवा के लिए चारे की उचित व्यवस्था हो।
छह माह लगातार गौ संकीर्तन:
अभियान से जुड़ी कार्ययोजना के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 तक पूरे देश में प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके बाद अप्रैल में प्रत्येक तहसील और जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे। यदि अपेक्षित उत्तर न मिला, तो जुलाई और अक्टूबर 2026 में पुन: चरणबद्ध रूप से यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी। इसके बाद 27 फरवरी 2027 को देश के 800 जिलों और 5000 तहसीलों से आए संत और गोभक्त देश की राजधानी दिल्ली में एकत्र होकर शांतिपूर्ण संकीर्तन के माध्यम से गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ सम्मान के लिए केन्द्र सरकार से आह्वान करेंगे। यह संकीर्तन छह माह यानी 15 अगस्त 2027 तक चलेगा।
गैरराजनीतिक स्वरूप में होगा अभियान:
अभियान पूरी तरह अहिंसक रहेगा, इसमें किसी प्रकार का भाषण, मंचीय उद्घोषणा या राजनीतिक स्वरूप नहीं होगा। कोई भी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा, केवल संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से संदेश दिया जाएगा। अभियान का प्रतीक केवल नंदी महाराज और गौमाता का चित्र होगा।
शेखावाटी अंचल के सभी पूज्य संतो एवं गोप्रेमियों से इस पवित्र और निष्काम अभियान के लिए सामूहिक संकल्प लिया । इस अवसर पर महंत दिनेश गिरि महाराज ने आह्वान किया कि भगवान राम तथा कृष्ण की भी आराध्या पूज्या गोमाता की दुर्दशा अब ओर बर्दाश्त नहीं करेंगे तथा जब तक गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया जाएगा तब तक देश के सभी सन्तों के सहयोग से इस आन्दोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
बालोतरा से आए सनातन महाराज ने सभी गो भक्तों का आह्वान किया कि हम सभी सन्त अपने अपने आश्रम छोड़कर गोमाता के सम्मान के लिए निकले हैं तथा अब हम गोमाता को उसका हक दिलाकर रहेंगे।
इसी कड़ी में गोपालानंद गिरि महाराज ने विस्तार पूर्वक आन्दोलन की जानकारी देते हुए कहा कि 27 अप्रैल 2026 को देश में सभी 5000 उपखंड कार्यालयों में प्रधानमंत्री तथा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।
स्वामी सुमेधानंद महाराज ने कहा कि सन्तों की यह महासभा मुझे जो भी आदेश देगी मैं गोमाता के लिए सदैव तत्पर रहूंगा और केन्द्र सरकार के साथ तालमेल बैठाकर हमारी मांगों को शीघ्र मनवाएंगे।
इस अवसर पर महंत चन्द्रमा दास महाराज, पालवास, महावीर जत्ती महाराज गाड़ौदा तथा केशवदास सांगलिया धूणी आदि ने भी अपना ओजस्वी वाणी में उद्बोधन दिया। उदयपुर से पधारी किन्नर अखाड़े की महामण्डलेश्वर पूज्या ईश्वरीनन्दगिरि ने भी मेवाड़ की धरती से गोमाता की सुरक्षा और सम्मान की बात कही।
सभा में मनोहर शरण महाराज पलसाना, शिवराज जत्ती महाराज भोजासर, गोपेश कृष्ण दास महाराज जड़खोर गोधाम, रामप्रपन्नाचार्य गनेड़ी, परमेश्वर गिरि महाराज टीडियासर, दयानाथ महाराज दाउदसर चूरू, मोतीनाथ महाराज काछवा। ओमनाथ महाराज चंचलनाथ का टीला झुन्झुनू कृष्ण नाथ बनवारी बालयोगी सूर्यनाथ महाराज कारंगा छोटा सहित सैंकड़ों सन्तो का पावन सानिध्य रहा।
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