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सरकारी-नौकरी के बहाने चाचा ने भतीजे से ठगे लाखों:फर्जी नियुक्ति पत्र देकर जीता भरोसा; ऑफिस गया तो डाक्यूमेंट्स निकले नकली


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सरकारी-नौकरी के बहाने चाचा ने भतीजे से ठगे लाखों:फर्जी नियुक्ति पत्र देकर जीता भरोसा; ऑफिस गया तो डाक्यूमेंट्स निकले नकली

सरकारी-नौकरी के बहाने चाचा ने भतीजे से ठगे लाखों:फर्जी नियुक्ति पत्र देकर जीता भरोसा; ऑफिस गया तो डाक्यूमेंट्स निकले नकली

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मधु दहिया 

पचेरी कलां : झुंझुनू जिले की पचेरी कलां थाना पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 19 लाख रुपए की ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी परिवादी का सगा चाचा है, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर यह रकम ऐंठी। मामला तब सामने आया जब पीड़ित सरकारी दफ्तर पहुंचा और दस्तावेज फर्जी पाए गए। पुलिस अब ठगी की रकम और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

रिश्ते की आड़ में बुना गया ठगी का जाल

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शेरसिंह योगी उर्फ सुभाष परिवादी अनिल का सगा चाचा है। इसी पारिवारिक रिश्ते का फायदा उठाकर उसने राकेश, विकास, सुनील और रुद्रनारायण के साथ मिलकर ठगी की साजिश रची। आरोपियों ने अनिल को भरोसा दिलाया कि उनकी शासन प्रशासन में ऊंची पहुंच है और वे उसके बेटे व रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी दिलवा सकते हैं।

फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर ऐंठे रुपए

आरोपियों ने मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग जयपुर के नाम से असली जैसे दिखने वाले फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए। परिवादी ने अपने बेटे विशाल, भांजे निखिल और साले के बेटे गजेन्द्र की नौकरी के लिए किस्तों में कुल 19 लाख रुपए आरोपियों को दे दिए। बाद में जब वह नियुक्ति पत्र लेकर संबंधित कार्यालय पहुंचा, तो पता चला कि सभी दस्तावेज फर्जी हैं।

जांच टीम गठित कर की गई गिरफ्तारी

मामले की जांच के लिए थानाधिकारी बनवारीलाल के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी रुद्रनारायण को गिरफ्तार कर चुकी है। बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जुटाने के बाद शेरसिंह योगी (60) को झुंझुनू जिला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में कॉन्स्टेबल राजेन्द्र और बलकेश की अहम भूमिका रही।

आईटीबीपी में कार्यरत बताए जा रहे अन्य आरोपी

पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गिरोह के अन्य सदस्य राकेश, विकास और सुनील कथित तौर पर आईटीबीपी में कार्यरत हैं। पुलिस शेरसिंह से पूछताछ कर ठगी की राशि की बरामदगी और फरार आरोपियों के ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।

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