पायलट ने धारीवाल के बयान को अशोभनीय बताया:कहा- कोई भी व्यक्ति हो, शब्दावली का चयन बहुत महत्वपूर्ण है; केंद्र में बैसाखियों की सरकार
पायलट ने धारीवाल के बयान को अशोभनीय बताया:कहा- कोई भी व्यक्ति हो, शब्दावली का चयन बहुत महत्वपूर्ण है; केंद्र में बैसाखियों की सरकार
टोंक : कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता शांति धारीवाल के विधानसभा में दिए बयान को अशोभनीय बताया है। उन्होंने कहा- धारीवाल जी के मामले में स्पीकर ने संज्ञान लिया है। धारीवाल जी ने माफी मांग ली है। स्पीकर ने उन्हें सजा दे दी है। लेकिन, मैं इस बात पर आज भी कायम हूं कि कोई भी व्यक्ति हो, किसी भी पार्टी का हो, अशोभनीय भाषा नहीं चलेगी। पब्लिक लाइफ के अंदर शब्दावली का चयन बहुत महत्वपूर्ण है। सबको इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
पायलट ने यह बात बुधवार को अपने विधानसभा क्षेत्र टोंक के दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में कही। पायलट ने केंद्र सरकार को बैसाखियों की सरकार बताया है। पायलट ने टोंक में एक प्राइवेट स्कूल के शुभारंभ कार्यक्रम में शिरकत की। स्थानीय विधायक के तौर पर तहसील कार्यालय में वेटिंग रूम का भी लोकार्पण किया।

‘जाति, धर्म, समाज की बात करना संसदीय प्रणाली के विपरीत’
पायलट ने संसद में बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर के दिए बयान पर कहा- मुझे बड़ा खेद है जिस प्रकार के वक्तव्य सदन में दिए गए। सत्ता पक्ष के नेताओं ने राहुल गांधी जी को टारगेट किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी को टारगेट कर जिस तरह की भाषा बोली है, वह निंदनीय है। ऐसी भाषा किसी को नहीं बोलनी चाहिए। खासकर जो लोग संसद में बैठे हैं। जाति, धर्म, समाज की बात करना यह संसदीय प्रणाली के विपरीत है।

‘राजस्थान में अराजकता का माहौल’
उदयपुर में कांग्रेस नेता की हत्या को लेकर पायलट ने कहा कि प्रदेश सरकार की चूक है। अराजकता का माहौल इसलिए है कि वर्तमान राजस्थान सरकार का मल्टीपल पावर दिल्ली में है, पता नहीं कौन चला रहा है। वहां से जैसे निर्देश आते हैं। यहां अफसरशाही हावी है। ऐसी धारणा आम लोगों की बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अल्पमत की सरकार है। वे राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में हुई हार पचा नहीं पा रहे हैं। इनके नेता 400 पार की बढ़-चढ़कर बात करते थे। 250 भी नहीं आई, खुद 240 पर अटक गए।

बिजली के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है
पूर्व डिप्टी सीएम पायलट ने कहा- राजस्थान में 8 महीने में सरकार का ऐसा माहौल बन गया कि बिजली के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। सदन में हम सवाल करते हैं। उनका जवाब मंत्रियों से सही नहीं आता है। लीपा-पोती हो रही है। इस बात से विधानसभा अध्यक्ष भी सहमत होंगे।

कांग्रेस सबको साथ लेकर चलने वाली पार्टी
पूर्व सांसद खिलाड़ी लाल बैरवा के बीजेपी छोड़ने पर पायलट ने कहा- कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो सभी जाति, धर्म को साथ लेकर चलती है। यह बात राहुल गांधी ने भी संसद में कही है। राहुल गांधी ने तो 2 गारंटी जातिगत जनगणना कराने और किसानों की फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए एमएसपी कानून बनाने की दी है, जिसे केंद्र सरकार ने नकार दिया है। सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

‘केंद्र सरकार ने बजट में राजस्थान को कुछ नहीं दिया’
पायलट ने कहा- केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश और बिहार के लिए झूठी घोषणा की है। चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार 4-6 महीने बाद यह समझ जाएंगे। यह झूठी घोषणा धरातल पर उतरने वाली नहीं है। इन दोनों राज्यों से हमारा कोई झगड़ा नहीं है, लेकिन राजनीतिक फायदे के लिए इन्हें 1 लाख करोड़ का बजट दिया और राजस्थान को कुछ नहीं।
राजस्थान को केंद्र ने बजट में क्या दिया? बिहार और आंध्र प्रदेश की तुलना में राजस्थान को कुछ नहीं मिला। केंद्र और राज्य, दोनों सरकारों के बजट आ गए, लेकिन इन बजट में महंगाई को कम करने के कोई उपाय ढूंढने की कोशिश भी नहीं की गई। यह सरकार बचाऊ बजट है।
1-2 अगस्त को देंगे धरना
सचिन पायलट ने कहा- ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) के मुद्दे को सिर्फ चुनाव के समय उठाया गया। हमने कहा इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित कर दीजिए, सबको फायदा होगा। पायलट ने कहा कि बिजली-पानी की समस्या को लेकर हम 1-2 अगस्त को धरना देंगे। भाजपा में सत्ता के बहुत सारे केंद्र हो गए हैं। जनता की सभी मांगों को लेकर आगे बढ़ते रहेंगे।
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