[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

छात्राओं ने बताई समस्याएं, हॉस्टल में आ रही परेशानी:प्रशासनिक अधिकारी पहुंच रहे कोचिंग स्टूडेंट्स के बीच, कर रहे मोटिवेट


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
कोटाटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

छात्राओं ने बताई समस्याएं, हॉस्टल में आ रही परेशानी:प्रशासनिक अधिकारी पहुंच रहे कोचिंग स्टूडेंट्स के बीच, कर रहे मोटिवेट

छात्राओं ने बताई समस्याएं, हॉस्टल में आ रही परेशानी:प्रशासनिक अधिकारी पहुंच रहे कोचिंग स्टूडेंट्स के बीच, कर रहे मोटिवेट

कोटा : कोटा में कोचिंग स्टूडेंट्स की शिकायतें सुनकर उनका समाधान करने की कोशिश की जा रही है। लगातार हुए सुसाइड के मामलो के बाद प्रशासनिक अधिकारी स्टूडेंट्स के बीच पहुंचकर उन्हें मोटिवेट कर रहे हैं। इस पहल के तहत संभागीय आयुक्त उर्मिला राजौरिया, जिला प्रशासन की नोडल कोऑर्डिनेटर सुनीता डागा व साइकोलॉजिकल काउंसलर पूर्ति शर्मा ले कोचिंग स्टूडेंट्स से मुलाकात की। छात्राओं ने खुलकर अपने मन की बात कही।

समस्याएं बताई तथा शिकायतें भी की। छात्राओं ने मुख्य रूप से सोशल मीडिया से खराब होने वाले समय, बिगड़ते टाइम मैनेजमेंट, ट्रेफिक की समस्याएं, कोचिंग में क्लास में आगे-पीछे बैठने, ओवर थिंकिंग के साथ-साथ दिनचर्या और पढ़ाई को लेकर सामने आ रही समस्याओं तक के बारे में बताया। सुनीता डागा ने बताया कि सेशन में दो छात्राओं ने हॉस्टल संबंधित शिकायत भी की। एक छात्रा का कहना था कि मैं एसजी रैजीडेंस में रहती हूं। मुझे सुबह से ब्रेकफ़ास्ट नहीं मिला। रोजाना हॉस्टल में ब्रेकफ़ास्ट देरी से बनता है और क्लास जल्दी शुरू हो जाती है। वहीं दूसरी छात्रा ने कहा कि इन्द्रा रैजीडेंस में रहती हूं। वार्डन का व्यवहार ठीक नहीं है। यूपीआई से पेमेंट नहीं लेती और कैश मांगती है। इस पर संभागीय आयुक्त एवं अन्य अधिकारी दोनों हॉस्टल पहुंचे। यहां छात्राओं द्वारा की गई शिकायतों की जांच की गई। दोनों जगह शिकायतें सही पाए जाने के बाद संबंधित हॉस्टल संचालक व लीज होल्डर्स को बुलाकर फटकार लगाई गई। साथ ही नगर निगम की टीम को हॉस्टल में निरीक्षण के लिए भेजा गया। हॉस्टल की वार्डन को हटाने के निर्देश दिए गए। संभागीय आयुक्त उर्मिला राजौरिया ने छात्राओं से कहा कि हर कार्य का समय होता है। अभी समय हमें पढ़ाई करने का है। ऐसे में हमें सोशल मीडिया से बचना है। ऐसे संवाद और खबरों से दूर रहें जो हमें परेशान करती हैं। खुशनुमा बातें करें, पढ़ाई की बातें करें। बहुत अधिक नहीं सोचें, कुछ भी कठिन और असंभव नहीं है। आसानी से सब हो सकता है, हमें नियमित मेहनत करने की जरूरत है। नोडल कॉर्डिनेटर सुनीता डागा ने कहा कि अभी सत्र की शुरुआत है, हो सकता है कोचिंग में कुछ समझ नहीं आ रहा है तो उसके लिए फैकल्टी हैं। किसी भी तरह का दबाव नहीं लें।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin