Farmer Protest: आंसू गैस के गोले बरसाए, लाठीचार्ज किया; किसानों के सामने पुलिस ने खड़ी की JCB और पोकलेन मशीनें
Farmer Protest: किसानों के दिल्ली कूच का एलान दिनभर टकराव के बावजूद भले ही सिरे न चढ़ा हो, लेकिन किसानों की तैयारी से पुलिस ने सबक जरूर लिया। पुलिस को जैसे ही किसानों के पोकलेन और जेसीबी से लैस होकर आने की सूचना मिली तो उन्होंने भी बॉर्डर पर किसानों के सामने पोकलेन और जेसीबी खड़ी कर दी।
पुलिस के प्रहारों का तोड़ और खुद के बचाव के लिए किसानों के जुगाड़ देख हर कोई हैरान था। लोहे की चादर लेकर तो कोई तस्ले पर कुंडा लगाकर उसे अपनी ढाल बनाकर चलता नजर आया, जिससे कि रबड़ की गोलियों और आंसू गैस के गोलों का कुछ असर न पड़ सके। इसी तरह से कुछ किसान अपनी ट्रॉली का हिस्सा शॉकर से ऊपर उठाकर अपना बचाव करते हुए नजर आए।
Farmer Protest – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
Farmer Protest – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी




लगातार पुलिस की तरफ से दागे जा रहे आंसू गैस के गोलों के बीच अचानक से मधुमक्खियों का झुंड आ गया। ट्रालियों और गाड़ियों की छतों पर चढ़े लोगों में भी हलचल मच गई और खुद का बचाव करते हुए नीचे झुकते और लेटते नजर आए। देखते ही देखते यह मधुमक्खियां चली गईं। हालांकि इस दौरान मधुमक्खियों से बचाव हो गया।

पुलिस का ड्रोन भीड़ को खदेड़ता पंजाब की सीमा तक चला गया और यह देखकर सभी दंग रह गए। इस बीच एक गोला यूनियन नेताओं की ओर से लगाए मंच के ठीक साथ गिरा और उस समय भाषण दिया जा रहा था। साथ ही सेकड़ों की संख्या में किसान मौजूद थे। इतना ही नहीं एक गोला तो मेडिकल कैंप के ठीक साथ गिरा और वहां पर जख्मी किसान उपचार के लिए आ रहे थे। देखते ही देखते वहां पर हलचल मच गई। बता दें कि पंजाब की सीमा में ड्रोन की एंट्री न होने पर किसानों ने अपनी ट्रालियां व मंच को आगे बॉर्डर की तरफ कर लिया था।

टकराव के बीच यूनियन नेता युवाओं को शांति रखने का संदेश दे रहे थे, इसी बीच युवाओं का एक ग्रुप व उनके समर्थक भी मंच पर आए गए। इस बीच उन्हें माइक भी दिया गया लेकिन उनकी तरफ से तैयारियां पूरी होने पर दिल्ली कूच करने की बात कहीं जा रही थी। इस भाषण से हालात बिगड़ने लगे तो यूनियन सदस्यों ने मोर्चा संभाला। इस बीच युवाओं को यूनियन नेता शांति बनाए रखने की बात कर रहे थे। यहीं कारण था कि करीब 20 मिनट तक मंच के स्पीकर बंद रहे। बाद में किसान नेता सरवन सिंह पंडेर ने मंच संभाला।

13 फरवरी से शंभू बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में बुधवार को अभी तक के सबसे ज्यादा किसान पहुंचे। इनमें युवा किसान बेहद सक्रिय देखे। दिल्ली कूच को लेकर उत्साहित युवाओं व पुलिस के बीच जमकर टकराव हुआ। स्थिति यह थी कि युवा किसान बॉर्डर के दोनों पूल पर बने नाकों के अलावा नदियों के रास्तों पर भी खड़े थे। हालांकि पुलिस का दावा है कि युवा किसानों की तरफ से पत्थरबाजी करने पर उनकी तरफ से आंसू गैस के गोले दागे गए। आखिर में युवा दिल्ली कूच का फैसला टलने पर निराश होकर लौटे।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19







Total views : 2039372

