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असाक्षर बंदी साक्षर बनें, साक्षर बंदी खाली समय में पढ़ें पुस्तकें: सज्जनसिंह सैनी


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असाक्षर बंदी साक्षर बनें, साक्षर बंदी खाली समय में पढ़ें पुस्तकें: सज्जनसिंह सैनी

चूरू जिला कारागृह में साक्षरता कार्यक्रम आयोजित, बंदियों को बांटी पुस्तकें व लेखन सामग्री; बैरकों के लिए भेंट की 13 दीवार घड़ियां

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : जिला कारागृह चूरू में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत संचालित साक्षरता कक्षाओं में बंदियों को नियमित रूप से शामिल होने और पढ़ने-लिखने के महत्व को समझाया गया। शुक्रवार शाम पुरस्कृत शिक्षक फोरम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) सज्जनसिंह सैनी ने कहा कि असाक्षर बंदियों को साक्षरता कक्षाओं में नियमित भाग लेकर साक्षर बनना चाहिए। वहीं, पहले से साक्षर बंदी अपने खाली समय का सदुपयोग करते हुए कारागृह के पुस्तकालय में अपनी रुचि की पुस्तकें पढ़ें।

सैनी ने कहा कि शिक्षा और पुस्तक पठन व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। साक्षरता से ज्ञान, समझ और जागरूकता का विकास होता है। पुस्तकें पढ़ने से सोच में सकारात्मकता आती है और व्यक्ति अपने समय का बेहतर उपयोग करना सीखता है।

डिजिटल और वित्तीय साक्षरता की दी जानकारी

जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद गहलोत ने नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बंदियों को डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कानूनी साक्षरता, परिवार कल्याण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने साक्षरता के व्यावहारिक महत्व को समझाते हुए बंदियों को संबंधित पुस्तकें और लेखन सामग्री वितरित की।

पुरस्कृत शिक्षक फोरम के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश फगेड़िया ने कहा कि बंदियों की सोच, समझ और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से फोरम की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा, अध्ययन और रचनात्मक गतिविधियों को जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बताया।

27 अक्टूबर से लगेगा विपश्यना ध्यान शिविर

विपश्यना ध्यान केंद्र के प्रभारी सुभाष नेहरा ने ध्यान पद्धति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ध्यान व्यक्ति को आत्मचिंतन, मानसिक शांति और सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने बंदियों से जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार 27 अक्टूबर से जिला कारागृह में आयोजित होने वाले विपश्यना ध्यान शिविर में भाग लेकर इसका लाभ उठाने का आह्वान किया।

बैरकों के लिए भेंट की 13 दीवार घड़ियां

कार्यक्रम के दौरान पुरस्कृत शिक्षक फोरम के जिला सचिव ओमप्रकाश तंवर ने पूर्व बैंक अधिकारी सांवताराम ईसरान की ओर से जिला कारागृह की विभिन्न बैरकों में लगाने के लिए 13 दीवार घड़ियां जेलर सुगरसिंह गुर्जर को भेंट कीं। घड़ियां भेंट करने का उद्देश्य बंदियों को समय की जानकारी उपलब्ध करवाना है, ताकि वे जागने, दैनिक कार्यों, ध्यान और पूजा-पाठ सहित अन्य गतिविधियों को नियमित रूप से समय पर कर सकें।

कार्यक्रम के अंत में जेलर सुगरसिंह गुर्जर ने अतिथियों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर साक्षरता ब्लॉक समन्वयक चिरंजीलाल सैनी तथा मुख्य प्रहरी मोहरसिंह, प्रहरी कन्हैयालाल, नरेंद्रकुमार, जितेंद्रकुमार, सांवरमल, राकेश कुमार सहित अन्य जेलकर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पुरस्कृत शिक्षक फोरम के जिला सचिव ओमप्रकाश तंवर ने किया।

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