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उदयपुरवाटी में 31 फीट ऊंचे रावण के पुतले का अग्निबाण से दहन


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उदयपुरवाटी में 31 फीट ऊंचे रावण के पुतले का अग्निबाण से दहन

दादूपंथी सेना ने ढोल-नगाड़ों के साथ निकाला जुलूस, डंडा-पट्टा के करतब और आतिशबाजी रहे आकर्षण का केंद्र

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : कैलाश बबेरवाल

उदयपुरवाटी : कस्बे में सीकर रोड स्थित नांगल नदी के पास विजय डूंगरी की तलहटी में विजयादशमी पर दादूपंथी सेना की ओर से 31 फीट ऊंचे रावण के पुतले का विशेष अग्निबाण से दहन किया गया। अग्निबाण लगते ही पुतले में लगे पटाखे फूटने लगे। इसके बाद करीब 15 से 20 मिनट तक रंग-बिरंगी आतिशबाजी हुई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। इस अवसर पर मेला भी लगा।

दशहरे के आयोजन से पहले जमात स्थित दादू मंदिर से दादूपंथी सेना ढोल-नगाड़ों के साथ रवाना हुई। सेना के सदस्य ऊंटों पर सवार होकर हाथों में ध्वज थामे चल रहे थे, जबकि पैदल सैनिक भी जुलूस में शामिल रहे। मुख्य मार्गों पर करतबबाजों ने डंडा-पट्टा के हैरतअंगेज करतब दिखाए। जगह-जगह पारंपरिक तरीके से धमाके करते हुए सेना दशहरा स्थल पहुंची, जहां अग्निबाण चलाकर रावण के पुतले का दहन किया गया। कार्यक्रम में दादूपंथी स्वामी समाज संस्था पंचायत के पांचों अखाड़ों के पंच, भंडारी और कस्बे के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

बंदूकों पर प्रतिबंध से बदली परंपरा

दादूपंथी सेना की दशहरे पर रावण दहन की यह वर्षों पुरानी परंपरा है। पहले मटकों से बने रावण की सेना, विभीषण और कुंभकर्ण के पुतलों पर बंदूकों से गोलियां चलाई जाती थीं। इसके बाद अग्निबाण से रावण का दहन किया जाता था। प्रशासनिक प्रतिबंध के कारण पिछले पांच वर्षों से बंदूकों का इस्तेमाल बंद है। अब केवल अग्निबाण से रावण के पुतले का दहन किया जाता है। आयोजन के बाद दादूपंथी सेना अपने गंतव्य की ओर लौट गई।

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