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पंचायत चुनाव में चाय 6 रुपए, थाली 79 रुपए की:कार, कुर्सी और डीजे तक की दरें तय, प्रत्याशियों के खर्चे पर रहेगी नजर


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झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

पंचायत चुनाव में चाय 6 रुपए, थाली 79 रुपए की:कार, कुर्सी और डीजे तक की दरें तय, प्रत्याशियों के खर्चे पर रहेगी नजर

पंचायत चुनाव में चाय 6 रुपए, थाली 79 रुपए की:कार, कुर्सी और डीजे तक की दरें तय, प्रत्याशियों के खर्चे पर रहेगी नजर

झुंझुनूं : झुंझुनूं में पंचायती राज चुनाव-2026 में प्रत्याशियों के चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। इसके तहत एक कप चाय की कीमत 6 रुपए, कॉफी की 9 रुपए, सामान्य भोजन थाली की 55 रुपए और विशेष भोजन थाली की 79 रुपए मानी जाएगी। चुनाव प्रचार के दौरान चाय-नाश्ते, भोजन, गाड़ी और प्रचार सामग्री पर होने वाला खर्च निर्धारित दरों के आधार पर प्रत्याशियों के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा।

पंचायत चुनाव में प्रत्याशी जनसंपर्क, सभाओं और प्रचार के लिए कई तरह की व्यवस्थाएं करते हैं। इनमें भोजन, कुर्सियां, वाहन, टेंट और प्रचार सामग्री पर खर्च होता है। इन सभी निर्धारित दरों के आधार पर खर्च का आकलन किया जाएगा, ताकि चुनावी खर्च की निगरानी की जा सके।

कुर्सी से लेकर कार और डीजे तक की दरें तय

निर्धारित दरों के अनुसार प्लास्टिक की कुर्सी का किराया 5 रुपए प्रतिदिन रखा गया है। सामान्य कार के लिए 2,800 रुपए और डीजे के लिए 2,200 रुपए की दर तय की गई है। इसके अलावा पोस्टर, बैनर, झंडे, टेंट, ड्रोन और अन्य प्रचार सामग्री पर होने वाला खर्च भी निर्धारित दरों के आधार पर चुनावी खर्च में शामिल किया जाएगा।

10 हजार रुपए से अधिक का नकद लेन-देन नहीं

चुनावी खर्च में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नकद लेन-देन को लेकर भी व्यवस्था निर्धारित की गई है। इसके अनुसार 10 हजार रुपए से अधिक का भुगतान नकद नहीं किया जा सकेगा। इससे अधिक राशि का भुगतान ऑनलाइन या बैंक के माध्यम से करना होगा। इससे लेन-देन का रिकॉर्ड रखने और चुनावी खर्च की निगरानी करने में मदद मिलेगी।

प्रत्याशियों के खर्च पर रहेगी नजर

झुंझुनूं जिले में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और सरपंच पदों के प्रत्याशियों को चुनावी खर्च का हिसाब निर्धारित नियमों के अनुसार रखना होगा। प्रचार सामग्री से लेकर वाहनों और सभाओं में होने वाले खर्च का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। निर्धारित दरों के आधार पर खर्च की गणना होने से चुनावी खर्च का आकलन करने और निगरानी करने में सुविधा होगी

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