[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

श्रीमाधोपुर डिपो के चीफ मैनेजर को 4 साल की जेल:40 हजार की रिश्वत लेने के मामले में एसीबी कोर्ट ने सुनाया फैसला


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसीकर

श्रीमाधोपुर डिपो के चीफ मैनेजर को 4 साल की जेल:40 हजार की रिश्वत लेने के मामले में एसीबी कोर्ट ने सुनाया फैसला

श्रीमाधोपुर डिपो के चीफ मैनेजर को 4 साल की जेल:40 हजार की रिश्वत लेने के मामले में एसीबी कोर्ट ने सुनाया फैसला

सीकर : सीकर की एसीबी कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में श्रीमाधोपुर रोडवेज के पूर्व चीफ मैनेजर प्रदीप सिंह को 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 72 वर्षीय आरोपी प्रदीप सिंह पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। वहीं मामले में सह-अभियुक्त राजकुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।

ये था मामला

स्पेशल पब्लिक प्रोसीक्यूटर मुकेश कुमार सिर्वा ने बताया कि यह मामला 8 अप्रैल 2015 का है। श्रीमाधोपुर आगार के तत्कालीन चीफ मैनेज प्रदीप सिंह ने रोडवेज कंडक्टर कर्णसिंह से बिना टिकट सवारियों के रिमार्क हटाने और सस्पेंशन से बचाने की एवज में रिश्वत की मांग की थी। परिवादी कर्णसिंह के अनुसार, आरोपी चीफ मैनेजर प्रदीप सिंह ने बस चैकिंग के दौरान 9 सवारियां बिना टिकट मिलने का रिमार्क लगाया था। इसके बाद रिमार्क हटाने और टर्मिनेट ना करने की धमकी देकर भारी रकम मांगी गई। परिवादी पहले भी 45 हजार रुपये दे चुका था, लेकिन अभियुक्त और पैसों का दबाव बना रहा था। फिर 40 हजार रुपए में मामला तय हुआ।

3 मंजिला टीनशेड से कूदकर भागा था डिपो मैनेजर

परिवादी ने इसकी शिकायत सीकर एसीबी से की, वॉइस रिकॉर्डिंग कर शिकायत का सत्यापन किया गया था। 8 अप्रैल 2015 को परिवादी कर्ण सिंह का बेटा सुनील 40 हजार रुपए लेकर डिपो पहुंचा। तत्कालीन चीफ मैनेजर प्रदीप सिंह ने पहली मंजिल से इशारा कर एटीएम गार्ड राजकुमार के जरिए पैसे लिए। जैसे ही एसीबी टीम ने गार्ड को दबोचा, मुख्य प्रबंधक प्रदीप सिंह पकड़े जाने के डर से पहली मंजिल के पीछे स्थित टीनशैड पर कूदकर भागने लगा। हालांकि, पहले से घेराबंदी कर खड़ी एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया था।

19 गवाहों के आधार पर सुनाया फैसला

कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीपी मुकेश कुमार सिर्वा ने 19 गवाह और 48 दस्तावेज सबूत के तौर पर पेश किए। विभिन्न उच्च अदालतों के फैसलों को आधार बनाकर और पुख्ता सबूतों के आधार पर कोर्ट ने अभियुक्त प्रदीप सिंह को दोषी ठहराते हुए 4 साल के कारावास और 50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।

Related Articles