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लोहार्गल मंदिर विवाद- पूर्व कमेटी पर 1.46 करोड़ रुपये के गबन का आरोप, कोर्ट में इस्तगासा पेश


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उदयपुरवाटीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

लोहार्गल मंदिर विवाद- पूर्व कमेटी पर 1.46 करोड़ रुपये के गबन का आरोप, कोर्ट में इस्तगासा पेश

मेघवाल विकास समिति की बैठक में पुलिस प्रशासन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित; मुख्यमंत्री और DGP को भेजी शिकायत

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : कैलाश बबेरवाल

उदयपुरवाटी : कस्बे की बाबा रामदेव महाराज की बगीची में ‘लोहार्गल बाबा रामदेव महाराज मेघवाल विकास समिति’ की एक महत्वपूर्ण समाज स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोहार्गल स्थित बाबा रामदेव मंदिर के संचालन, आय-व्यय के ब्योरे और पूर्व कमेटी द्वारा किए गए कथित वित्तीय नुकसान को लेकर गंभीर चर्चा हुई, जिसमें समाज के लोगों ने सर्वसम्मति से कई बड़े निर्णय लिए।

बैठक के दौरान समाज के समक्ष मंदिर के संचालन संबंधी आय-व्यय का पूरा ब्योरा पेश किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्व कमेटी द्वारा गत वर्ष तक का करीब 1.46 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं दिया गया है। हिसाब में पारदर्शिता न होने और राशि बकाया रखने के कारण पूर्व कमेटी के खिलाफ ACJM कोर्ट नवलगढ़ में इस्तगासा पेश किया गया है, जिसकी विस्तृत जानकारी पूरी सभा को दी गई। बकाया राशि पूर्व कोषाध्यक्ष करणीराम ₹19,03,735, कमलदास ₹3,73,623, मनोहरलाल ₹1,17,00,000 इस प्रकार कुल बकाया राशि ₹1,46,56,750/- हैं।

पुलिस प्रशासन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित
बैठक में उपस्थित समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि 7 जून 2026 को स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया गया और उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से रोका गया। प्रशासन के इस कृत्य पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए बैठक में एक निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। समाज के लोगों ने निर्णय लिया है कि इस भेदभावपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और मुख्यमंत्री महोदय को लिखित शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।

बैठक के अंत में बाबा रामदेव महाराज मंदिर (लोहार्गल) के इस पूरे विवाद को शांतिपूर्वक और कानूनी दायरे में सुलझाने के लिए समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने अपने-अपने विचार रखे। उपस्थित सभी लोगों ने मंदिर की गरिमा बनाए रखने और समाज के हितों की रक्षा करते हुए इस मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने पर पूर्ण सहमति जताई।

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