[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

FCI में नौकरी का झांसा देकर 4 लाख की ठगी:गोदाम असिस्टेंट का फर्जी आईडी कार्ड भी दिया, झारखंड के जंगल में करवाई ट्रेनिंग


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसीकर

FCI में नौकरी का झांसा देकर 4 लाख की ठगी:गोदाम असिस्टेंट का फर्जी आईडी कार्ड भी दिया, झारखंड के जंगल में करवाई ट्रेनिंग

FCI में नौकरी का झांसा देकर 4 लाख की ठगी:गोदाम असिस्टेंट का फर्जी आईडी कार्ड भी दिया, झारखंड के जंगल में करवाई ट्रेनिंग

सीकर : सीकर में फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) के गोदाम में असिस्टेंट के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर एक युवक से 4 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपियों ने उसे गोदाम असिस्टेंट का फर्जी आईडी कार्ड भी दिया और भरोसा दिलाने के लिए झारखंड के जंगल क्षेत्र में कथित ट्रेनिंग भी करवाई।

हेडक्वार्टर से फर्जी आईडी कार्ड की जांच करवाई तो पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों की तलाश में जुटी है।

ट्रेनिंग से पहले देने होंगे 1.20 लाख रुपए

सलेदीपुरा निवासी गोगराज जाट ने जाजोद पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि गोगराज एजुकेटेड बेरोजगार था और नौकरी की तलाश में था। उसके पास गांव का पड़ोसी मक्खनलाल आया और कहा कि वह और उसका साथी हेमराज मीणा इंडियन फूड कॉरपोरेशन झारखंड में नौकरी लगवाते हैं। यह नौकरी फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में गोदाम असिस्टेंट के पद पर मिलती है।

नौकरी लगने के लिए 3.80 लाख रुपए लगेंगे। इसमें से 1.20 लाख रुपए तो नौकरी की ट्रेनिंग होने से पहले और बाकी ट्रेनिंग पर जाते समय देने होंगे। क्योंकि यह पैसा ऊपर के अधिकारियों तक पहुंचाना पड़ता है।

पीड़ित ने आरोपियों को दिए डॉक्यूमेंट और 1.20 लाख रुपए

मक्खनलाल और हेमराज की बातों में आकर गोगराज ने अपने डॉक्यूमेंट और 1.20 लाख को दे दिए। मक्खनलाल ने हेमराज से गोगराज को मिलवाया तो हेमराज ने कहा कि तुम्हें झारखंड के छतरा में एक से डेढ़ महीने रहना होगा। इसके बाद गोगराज ने दोनों को शेष 2.80 लाख रुपए भी दे दिए।

जंगल में ट्रेनिंग करवाई, फर्जी आईडी कार्ड बनवाया

रिपोर्ट के मुताबिक, जब गोगराज झारखंड गया तो वहां उसे और भी लोग मिले। सभी को एक से डेढ़ महीने तक रोजाना गाड़ी में बैठाकर जंगल में ले जाया जाता और ट्रेनिंग के नाम पर कुछ ना कुछ करवाया जाता।

मक्खन लाल के द्वारा गोगराज को एक चालान रसीद, फड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का एक आईडी कार्ड दिया गया था। जब इनकी जांच गोगराज ने हेडक्वार्टर से करवाई तो पता चला कि उनकी कोई नौकरी नहीं लगी है। नौकरी लगवाने के नाम पर उनके साथ ठगी हुई है।

गोगराज ने इस बारे में मक्खनलाल और हेमराज से बात की तो दोनों पहले तो रुपए वापस लौटाने की बात करते रहे, लेकिन अब साफ मना कर दिया। फिलहाल जाजोद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।

Related Articles