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मनरेगा को फिर बहाल करने की मांग, कलेक्ट्रेट पर तनातनी:अखिल भारतीय किसान सभा का प्रदर्शन; अतिक्रमण कार्रवाई पर उठाए सवाल


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मनरेगा को फिर बहाल करने की मांग, कलेक्ट्रेट पर तनातनी:अखिल भारतीय किसान सभा का प्रदर्शन; अतिक्रमण कार्रवाई पर उठाए सवाल

मनरेगा को फिर बहाल करने की मांग, कलेक्ट्रेट पर तनातनी:अखिल भारतीय किसान सभा का प्रदर्शन; अतिक्रमण कार्रवाई पर उठाए सवाल

झुंझुनूं : अखिल भारतीय किसान सभा ने झुंझुनूं में प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। शहर में बुधवार को रैली निकालकर मनरेगा बहाली समेत कई मांगें रखी गई। रैली मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची। जहां प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट में घुसने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस-प्रदर्शनकारियों में तनातनी हो गई।

राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन में कई अन्य प्रमुख मांगें रखी गई। किसान सभा ने आरोप लगाया कि सुनियोजित साजिश के तहत मनरेगा को खत्म किया जा रहा है। फंड में कटौती और नियमों में बदलाव के कारण यह योजना दम तोड़ रही है। सरकार योजना को फिर से बहाल करे।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तनातनी

​रैली जैसे ही कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पहुंची, प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और बैरिकेड्स लांघकर अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। इस दौरान वहां तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई और स्थिति आमने-सामने के टकराव जैसी बन गई।

अतिक्रमण कार्रवाई पर उठाए सवाल

वक्ताओं ने कहा- अतिक्रमण के नाम पर गरीबों के घरों और धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है। यह कार्रवाई तत्काल बंद की जाए। किसानों को एमएस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को कानूनी गारंटी दी जाए। वर्ष 2022-23 की रबी फसल के शेष मुआवजे का भुगतान तुरंत किया जाए। फसल बीमा का क्लेम ‘क्रॉप कटिंग’ रिपोर्ट के आधार पर दिया जाए।

पुलिस पर छात्र को अवैध हिरासत में रखने का आरोप

किसान सभा के नेता फूलचंद बर्बर ने कहा- 21 जून को झुंझुनूं पुलिस ने पातूसर गांव के निवासी छात्र नवीन कुमार को बिना किसी ठोस कारण या जुर्म के उसके घर (किसान कॉलोनी) से उठा लिया। पुलिस ने छात्र के साथ मारपीट की और बिना परिवार को सूचित किए उसे पूरे दिन अवैध तरीके से हिरासत में रखा। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन से डेटा चोरी किया। 22 जून को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।

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