पूर्व विधायक खंडेलवाल ने प्रशासन पर लगाए भेदभाव के आरोप:बोले- शाहपुरा रोड फोरलेन अतिक्रमण हटाने में रसूखदारों को छूट, गरीबों पर सख्ती
पूर्व विधायक खंडेलवाल ने प्रशासन पर लगाए भेदभाव के आरोप:बोले- शाहपुरा रोड फोरलेन अतिक्रमण हटाने में रसूखदारों को छूट, गरीबों पर सख्ती
नीमकाथाना : शाहपुरा रोड पर प्रस्तावित फोरलेन सड़क को लेकर पूर्व विधायक रमेश खंडेलवाल ने स्थानीय प्रशासन, पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाए है। पूर्व विधायक ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया- विभाग भूमाफियों और रसूखदारों से सांठगांठ कर 80 फीट तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई धीमी कर रहा है, जबकि कार्रवाई की शुरुआत पुलिया क्षेत्र से होनी चाहिए थी। इसके विपरीत खेतड़ी रोड पर गरीब लोगों पर दबाव बनाकर उन्हें खुद अतिक्रमण हटाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसी बीच खेतड़ी मोड़ क्षेत्र के वे लोग, जो दबाव में स्वयं अतिक्रमण हटा रहे हैं, पूर्व विधायक के कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। खंडेलवाल ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि यह भेदभाव कतई नहीं होने दिया जाएगा।

खंडेलवाल ने कहा कि डर के माहौल में गरीब लोग स्वयं अतिक्रमण हटा रहे हैं, जबकि रसूखदारों के अवैध निर्माण जस के तस खड़े हैं। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में करीब 181 पेड़ों को 80 फीट की चौड़ाई के हिसाब से हटाया गया था, तो अब अतिक्रमण भी उसी मानक के अनुसार समान रूप से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने 1956 के भूमि अधिग्रहण का हवाला देते हुए कहा कि उस समय 80 से 84 फीट तक मुआवजा दिया जा चुका है, इसके बावजूद प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण नहीं हटाए जा रहे हैं।
पूर्व विधायक ने पूर्व की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छावनी रोड से गांवड़ी मोड़ तक अतिक्रमण हटाने के दौरान रसूखदारों के मकान बीच में आने से सड़क चौड़ीकरण को तीन चरणों में बांट दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि “केशव मोदी के मकान से जेल तक का निर्माण रोक दिया गया, अब वही पैटर्न इस फोरलेन सड़क में दोहराने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े कॉम्प्लेक्स और प्रभावशाली लोगों के कब्जों को बचाने के लिए निर्माण कार्य को जानबूझकर रोका जा रहा है। साथ ही उन्होंने क्षेत्र के नेताओं से विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। पूर्व विधायक ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अतिक्रमण हटाने में भेदभाव हुआ तो वे आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे।

हाई कोर्ट में विचाराधीन है मामला
बता दें कि फोरलेन सड़क चौड़ीकरण को लेकर आस्था जन कल्याण सेवा समिति के जुगल किशोर ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर रखी है। याचिका में नगरपालिका के मास्टर प्लान के अनुसार सड़क की चौड़ाई 30 मीटर (करीब 100 फीट) दर्शाई गई है। इसी आधार पर अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण को लेकर याचिका दायर की गई है, जो वर्तमान में विचाराधीन है।
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