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निराधनूं में रमजान 1447 हिजरी का चांद दिखने की पुष्टि के साथ पाक महीना शुरू


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निराधनूं में रमजान 1447 हिजरी का चांद दिखने की पुष्टि के साथ पाक महीना शुरू

निराधनूं में रमजान 1447 हिजरी का चांद दिखने की पुष्टि के साथ पाक महीना शुरू

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : अंसार मुज्तर

निराधनूं : बुधवार की शाम को निराधनूं में रमजान 1447 हिजरी का चंद्रमा (हिलाल) सफलतापूर्वक देखे जाने की पुष्टि हो गई है। इससे इस्लामिक कैलेंडर का सबसे पवित्र महीना रमजान का आगाज हो गया है। चांद दिखने की खबर मिलते ही स्थानीय मस्जिदों में विशेष तरावीह नमाज शुरू हो गई, जबकि गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को पूरे क्षेत्र में पहला रोजा रखा जाएगा। भारत भर में भी इसी दिन चांद के दर्शन की रिपोर्ट्स आई हैं, जैसे दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, मुंबई और अन्य शहरों में हिलाल कमेटियों ने चांद देखने की पुष्टि की है। सऊदी अरब और खाड़ी देशों में रमजान एक दिन पहले (18 फरवरी) से शुरू हो गया था, लेकिन भारत में स्थानीय चंद्र दर्शन के आधार पर 19 फरवरी से रोजे शुरू होंगे।

रमजान का महत्व
माह-ए-रमजान हिजरी कैलेंडर का नौवां महीना है, जो इबादत, सब्र (धैर्य), दान और कुरआन-ए-पाक के नाजिल होने का महीना माना जाता है। यह महीना आमतौर पर 29 या 30 दिनों का होता है, जिसमें मुसलमान सुबह सेहरी और शाम इफ्तार के साथ रोजा रखते हैं। रमजान के अंत में शाव्वाल का चांद दिखने पर ईद-उल-फितर मनाई जाती है।

तरावीह नमाज रमजान की रातों की खास इबादत है, जिसमें कुरआन की तिलावत की जाती है। निराधनूं की मस्जिदों में बुधवार रात से ही तरावीह शुरू हो गईं, और मुसलमानों ने इस पाक महीने की बरकतों के लिए दुआएं मांगीं। यह महीना न केवल रोजा रखने का है, बल्कि नेकी, सदका, कुरआन पढ़ाई और अल्लाह से माफी मांगने का भी अवसर प्रदान करता है। मुसलमानों को सलाह दी जाती है कि वे इस महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें और जरूरतमंदों की मदद करें।

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