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राष्ट्रीय महिला दिवस पर ब्लॉक स्तर पर भव्य ‘बेटी जन्मोत्सव’ का आयोजन


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राष्ट्रीय महिला दिवस पर ब्लॉक स्तर पर भव्य ‘बेटी जन्मोत्सव’ का आयोजन

राष्ट्रीय महिला दिवस पर ब्लॉक स्तर पर भव्य ‘बेटी जन्मोत्सव’ का आयोजन

सीकर : महिला अधिकारिता विभाग राजस्थान एवं चिकित्सा विभाग के संयुक्त समन्वय से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना अंतर्गत राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ब्लॉक स्तर पर भव्य एवं प्रेरणादायी बेटी जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को उत्सव के रूप में मनाना, समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना तथा नवप्रसूता माताओं को प्रोत्साहित करना रहा।

“बेटियों को समान अवसर देना सामूहिक जिम्मेदारी”

कार्यक्रम में पर्यवेक्षक महिला अधिकारिता सुनीता चौधरी ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का लक्ष्य केवल बालिका जन्म को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान को सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं और महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है।

नवप्रसूता माताओं का सम्मान

बेटी जन्मोत्सव के तहत बेटियों को जन्म देने वाली नवप्रसूता माताओं को पोषण टोकरी, खेस, बेबी किट, लाड़ो प्रोत्साहन संकल्प पत्र एवं मिठाई वितरित कर सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से माताओं को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ ही बेटियों के जन्म को सामाजिक उत्सव का संदेश दिया गया।

वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की जानकारी

वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक विद्या जोशी ने महिलाओं को उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र पर चिकित्सा सहायता, पुलिस सहयोग, कानूनी व मनोवैज्ञानिक परामर्श, काउंसलिंग तथा अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने संकट की स्थिति में बेझिझक संपर्क करने का आह्वान किया।

चिकित्सा विभाग के कार्मिकों ने नवप्रसूता माताओं को मातृत्व स्वास्थ्य, नवजात शिशु देखभाल, स्तनपान, पोषण एवं टीकाकरण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियां अभिशाप नहीं, बल्कि समाज की धरोहर और भविष्य की मजबूत नींव हैं। उनके जन्म को सम्मान और उत्सव के रूप में मनाना ही सशक्त समाज की पहचान है।

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