यूजीसी के नए नियमों का राजपूत समाज ने किया विरोध:मूंडरू में बैठक कर सामान्य वर्ग के लिए कुठाराघात बताया
यूजीसी के नए नियमों का राजपूत समाज ने किया विरोध:मूंडरू में बैठक कर सामान्य वर्ग के लिए कुठाराघात बताया
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत
मूंडरू : मूंडरू कस्बे में शनिवार को राजपूत समाज ने यूजीसी के हालिया संशोधित नियमों पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। समाज के सदस्यों ने इन नियमों को सामान्य वर्ग के स्टूडेंट्स के साथ कुठाराघात बताया। यह बैठक मूंडरू के बड़े दरवाजे पर राजपूत समाज के अध्यक्ष बलबीर सिंह शेखावत की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें समाज के कई प्रबुद्धजनों ने भाग लिया।
सेवानिवृत्त जिला परिवहन अधिकारी भवानी सिंह शेखावत ने कहा कि यूजीसी के नए नियम सामान्य वर्ग के बच्चों के लिए हानिकारक हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इससे सामान्य और अन्य वर्ग के बच्चों के बीच गहरी खाई बन जाएगी, जिससे शिक्षण संस्थाओं में जातिवाद को बढ़ावा मिलेगा।
ठाकुर मानदाता सिंह गढ़टकनेत ने इन संशोधनों को सर्वण समाज’ के लिए ‘काला कानून’ बताया। उन्होंने कहा कि राजपूत समाज इस विधेयक का पूर्ण रूप से विरोध करता है और यदि इसे वापस नहीं लिया गया तो सवर्ण समाज द्वारा आंदोलन किया जाएगा।
राजपूत समाज ने यूजीसी में किए गए संशोधनों की निंदा की और सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन पर रोक लगाए जाने के फैसले का स्वागत किया। वक्ताओं ने यूजीसी को लेकर अपने विचार व्यक्त किए, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर इन नियमों पर स्थायी रोक लगाने की मांग की।
इस दौरान हेमंत सिंह, स्वरूप सिंह, सुरेन्द्र सिंह, देवी सिंह राठौड़, झब्बर सिंह, दिवान सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, दीपेंद्र सिंह शेखावत, मदन सिंह शेखावत, इंद्र सिंह राठौड़, शंकर सिंह, हेम सिंह, भूपेंद्र सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
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