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लक्ष्मणगढ़ में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया:महिलाओं ने गाए मंगलगीत, थाल बजाकर दी बधाइयां


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लक्ष्मणगढ़ में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया:महिलाओं ने गाए मंगलगीत, थाल बजाकर दी बधाइयां

लक्ष्मणगढ़ में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया:महिलाओं ने गाए मंगलगीत, थाल बजाकर दी बधाइयां

लक्ष्मणगढ़ : लक्ष्मणगढ़ के वार्ड नंबर 9 स्थित शुभजी बड़िया के जाव में श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। चौथे दिन सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आते ही पूरा पांडाल मंगलगीतों और जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर महिलाओं ने मंगल थाल बजाकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की बधाइयां दीं और पारंपरिक मंगलगीत गाए।

कथा वाचक बाल व्यास कृष्णा किशोरी ने गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, राम अवतार और श्रीकृष्ण जन्म के भावपूर्ण प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जीवन में विपत्ति आने पर संसार को नहीं, बल्कि गोविंद को स्मरण करना चाहिए, क्योंकि केवल ईश्वर ही संकट हरते हैं।

इंद्र और मनुष्य के स्वभाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पद और प्रतिष्ठा मिलने पर जैसे इंद्र को अहंकार आ गया था, वैसे ही मनुष्य भी अहंकार में डूब जाता है, जो उसके पतन का कारण बनता है।

मुख्य यजमान शंकरलाल बड़िया, मुकेश और चेतन बड़िया ने विधिवत रूप से श्रीमद्भागवत महापुराण और व्यासपीठ का पूजन किया। इस दौरान अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में पुरुषों और महिलाओं ने कथा श्रवण का लाभ लिया।

इस कथा का विशेष आकर्षण बाल व्यास कृष्णा किशोरी रहीं, जिनकी आयु 10 वर्ष से भी कम है। वो पिछले दो वर्षों से नानी बाई का मायरो और श्रीमद्भागवत कथा का वाचन कर रही हैं। इतनी कम उम्र में शास्त्रों का गूढ़ ज्ञान, स्पष्ट उच्चारण और भावपूर्ण प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल और आकर्षण का विषय बनी हुई है। कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालु बालिका की प्रतिभा, स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास की सराहना करते नजर आए।

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