झुंझुनूं रोडवेज बना राजस्थान का नंबर-1 डिपो:वेतन घोटाले-24 निलंबन के बाद भी 52 डिपो से आगे, टारगेट से 45 लाख ज्यादा कमाई
झुंझुनूं रोडवेज बना राजस्थान का नंबर-1 डिपो:वेतन घोटाले-24 निलंबन के बाद भी 52 डिपो से आगे, टारगेट से 45 लाख ज्यादा कमाई
झुंझुनूं : राजस्थान रोडवेज के नक्शे पर कभी ‘वेतन घोटाले’ और ‘बड़े पैमाने पर निलंबन’ के कारण सुर्खियों में रहने वाला झुंझुनूं डिपो ने अलग रिकॉर्ड बनाया है। झुंझुनूं डिपो ने आय, किलोमीटर संचालन और लोड फैक्टर सहित चारों प्रमुख मानकों पर लक्ष्य से कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए राजस्थान में पहला स्थान हासिल किया है।
89 लाख का घोटाला, 24 निलंबन
जून 2025 में झुंझुनूं डिपो गंभीर संकट से जूझ रहा था। 89 लाख रुपए के वेतन घोटाले ने विभाग की साख को गहरा झटका दिया। तत्कालीन मुख्य प्रबंधक सहित 24 कर्मचारी निलंबित किए गए थे।
9 जून 2025 को मुख्य प्रबंधक का कार्यभार संभालने वाले गिरिराज स्वामी ने आते ही ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की। घोटाले पर सख्त कार्रवाई के साथ ही कार्यसंस्कृति बदलने पर जोर दिया गया।
स्टाफ के कमी फि भी अच्छा प्रदर्शन
पहले जब डिपो में 335 कर्मचारी थे, तब प्रदर्शन औसत रहा। आज 24 कर्मचारियों की कमी के बावजूद महज 300 कर्मचारियों ने वह कर दिखाया, जिसकी पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है।
ऐसे बदला पूरा सिस्टम
- कठोर निगरानी : रूट पर बसों की रैंडम चेकिंग शुरू की गई। टिकट चोरी पर सख्ती से रोक लगाई गई।
- बेहतर शिड्यूलिंग: जिन रूट्स पर यात्रियों का दबाव ज्यादा था, वहां बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई गई।
- मेंटेनेंस पर फोकस: बसों के ब्रेकडाउन कम करने पर जोर दिया गया, जिससे किलोमीटर लॉस रुका।
- पारदर्शी प्रबंधन: कर्मचारियों का भरोसा जीता गया और बेहतर प्रदर्शन पर प्रोत्साहन दिया गया।
दिसंबर में 9 लाख 48 हजार यात्रियों ने किया सफर
दिसंबर 2025 में झुंझुनूं डिपो की बसों से 9 लाख 48 हजार यात्रियों ने सफर किया। यात्रियों का कहना है कि अब बसें समय पर मिल रही हैं और परिचालकों का व्यवहार पहले से कहीं बेहतर हुआ है।
ग्रामीण इलाकों में निजी बसों के मुकाबले रोडवेज की समयबद्धता ने इसे पहली पसंद बना दिया है। इसका नतीजा यह रहा कि डिपो ने 101% लोड फैक्टर हासिल किया, यानी बसें अपनी क्षमता से भी ज्यादा यात्रियों को लेकर चलीं।
टारगेट से 45 लाख रुपए ज्यादा कमाई
मुख्यालय ने दिसंबर के लिए झुंझुनूं डिपो को 5.02 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया था, लेकिन डिपो ने 5.47 करोड़ रुपए की कमाई हुई। यानी लक्ष्य से 45 लाख रुपए ज्यादा।
दिसंबर 2024 की तुलना में यह आय करीब 80 लाख रुपए अधिक रही। वहीं प्रति किलोमीटर आय में 4.35 रुपए का उछाल दर्ज किया गया, जो रोडवेज जैसे सार्वजनिक उपक्रम के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
| पैमाना | दिसंबर 2024 (प्रदर्शन | दिसंबर 2025 (प्रदर्शन) | सुधार/उपलब्धि |
|---|---|---|---|
| कुल आय | 4.67 करोड़ | 5.47 करोड़ | ₹80 लाख से अधिक की वृद्धि |
| संचालन (किमी) | 10.68 लाख किमी | 11.38 लाख किमी | 70 हजार किमी अतिरिक्त सफर |
| प्रति किमी आय | 43.74 | 48.09 | लक्ष्य 47 से भी अधिक |
| लोड फैक्टर | – | 101 | प्रदेश में प्रथम स्थान |
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