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रानौली में अतिक्रमण-जाम की समस्या बरकरार:7 दिन बाद भी बैठक बेनतीजा, सहमति लागू नहीं हो सकी


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रानौली में अतिक्रमण-जाम की समस्या बरकरार:7 दिन बाद भी बैठक बेनतीजा, सहमति लागू नहीं हो सकी

रानौली में अतिक्रमण-जाम की समस्या बरकरार:7 दिन बाद भी बैठक बेनतीजा, सहमति लागू नहीं हो सकी

रानोली : रानोली के मेन बस स्टैंड क्षेत्र में अतिक्रमण और जाम की समस्या बनी हुई है। इस समस्या के समाधान के लिए रानोली पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और रानोली मेन स्टैंड व्यापार मंडल के बीच सात दिन पहले हुई बैठक बेनतीजा रही। बैठक के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।

पांच फीट से अधिक चौड़े टिन शेड स्वयं हटाने पर बनी थी सहमति

एनएचएआई और रानोली पुलिस की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई या स्थायी समाधान के प्रयास नहीं किए गए हैं। इससे पहले जैसी स्थिति थी वही हालात आज भी बने हुए हैं। बैठक में कई सहमति बनी थीं। इनमें ठेले वालों को फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने और नाले को आमजन की आवाजाही के लिए खुला रखने का निर्देश दिया गया था। पक्के निर्माण वाले दुकानदारों को अपनी दुकानों के सामने लगे टिन शेड को अधिकतम पांच फीट तक सीमित रखने को कहा गया था। यह भी तय हुआ था कि पांच फीट से अधिक चौड़े टिन शेड को दुकानदार स्वयं हटाएंगे और इसकी सूचना पुलिस विभाग और व्यापार मंडल अध्यक्ष को देंगे।

हाईवे पेट्रोलिंग को टीम जाम हटाने की सौंपी थी जिम्मेदारी

पुलिस विभाग की हाईवे पेट्रोलिंग टीम को प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से 4:30 बजे तक बस स्टैंड क्षेत्र में उपस्थित रहकर जाम हटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हाईवे पुलिया के छोटे अंडरपास के बीच गटर पाइप लगाकर वाहनों की आवाजाही बंद करने और दूसरे अंडरपास को एनएचएआई द्वारा चालू करने का भी निर्णय लिया गया था। इस व्यवस्था का खर्च व्यापार मंडल वहन करने वाला था।

सहमति लागू नहीं हो पाई

कचरा निपटारा के लिए व्यापार मंडल द्वारा दो ट्रालियां बनवाने और उनमें ही कचरा डालने पर भी सहमति बनी थी। अतिक्रमण नहीं हटाने वाले दुकानदारों के खिलाफ व्यापार मंडल द्वारा सख्त कार्रवाई करने का निर्णय भी लिया गया था। हालांकि एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी इन सहमति को ज़मीन पर लागू नहीं किया जा सका है। अतिक्रमण और जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है।

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