[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

जसरापुर में निराश्रित गोवंश को गोशाला में रखने की मांग:एमडीआर 93 पर बैठे बन रहे हादसों का कारण, बोले- अचानक सामने आने से दुर्घटना बढ़ गई है


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
खेतड़ीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

जसरापुर में निराश्रित गोवंश को गोशाला में रखने की मांग:एमडीआर 93 पर बैठे बन रहे हादसों का कारण, बोले- अचानक सामने आने से दुर्घटना बढ़ गई है

जसरापुर में निराश्रित गोवंश को गोशाला में रखने की मांग:एमडीआर 93 पर बैठे बन रहे हादसों का कारण, बोले- अचानक सामने आने से दुर्घटना बढ़ गई है

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के जसरापुर ग्राम पंचायत में निराश्रित गोवंश की समस्या गंभीर होती जा रही है। पीपली स्टैंड, मुख्य बस स्टैंड और एमडीआर 93 सड़क पर बड़ी संख्या में गोवंश के बैठे रहने से ग्रामीण, आमजन, राहगीर और वाहन चालक परेशान हैं। सड़क पर गोवंश के जमावड़े के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं।

इस गंभीर समस्या को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से निराश्रित गोवंश को गोशाला में रखने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि दिन में तो वाहन किसी तरह निकल जाते हैं, लेकिन रात में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। अंधेरे में सड़क पर बैठे गोवंश के अचानक सामने आ जाने से बाइक सवार और वाहन चालक संतुलन खो देते हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बाइक सवार गोवंश से टकराकर घायल हो चुके हैं।

ग्रामीण विक्रम सिरधना ने जानकारी दी कि एमडीआर 93 सड़क पर गोवंश के आपस में लड़ने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। ऐसे में सड़क से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि निराश्रित गोवंश केवल सड़कों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि रात के समय झुंड बनाकर किसानों के खेतों में घुस जाते हैं। ये गोवंश खेतों की तारबंदी तोड़कर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई किसानों को सर्दी के मौसम में पूरी-पूरी रात जागकर अपने खेतों की रखवाली करनी पड़ती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि निराश्रित गोवंश को शीघ्र पकड़कर नजदीकी गौशालाओं में भेजने की समुचित व्यवस्था की जाए। इस प्रदर्शन में विक्रम सिरधना, राजेंद्र महेरिया, कैलाश सैनी, आजाद राठी, सुमेर महरिया, कैलाश माली, ओमप्रकाश भाडोरिया, राजू सिंह निर्वाण, बंसीलाल सेडूका, रामवतार भोजगड़िया, मोहनलाल मेहरिया और सुमित धनिया सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

Related Articles