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डोटासरा बोले-भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बने हैं, तब से ब्यूरोक्रेसी बेलगाम:मंत्री जोगाराम को कलेक्टर-एसपी बिठाते ही नहीं, खड़े-खड़े ही पूछा कि क्या काम है?


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डोटासरा बोले-भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बने हैं, तब से ब्यूरोक्रेसी बेलगाम:मंत्री जोगाराम को कलेक्टर-एसपी बिठाते ही नहीं, खड़े-खड़े ही पूछा कि क्या काम है?

डोटासरा बोले-भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बने हैं, तब से ब्यूरोक्रेसी बेलगाम:मंत्री जोगाराम को कलेक्टर-एसपी बिठाते ही नहीं, खड़े-खड़े ही पूछा कि क्या काम है?

सीकर : सीकर में कलेक्टर मुकुल शर्मा और मंत्री संजय शर्मा के बीच हुई बहस पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- ये जो सीकर से कल प्रभारी मंत्री और जिला कलेक्टर की तस्वीर आई है, वो इस पूरे राजस्थान की हकीकत है। राजस्थान में जब से भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बने हैं, तब से ब्यूरोक्रेसी बेलगाम है और जनप्रतिनिधियों की कोई चल नहीं रही है, कोई पूछने वाला नहीं है। जब मंत्री का ये हाल होगा तो आम जन का क्या हाल होगा?

प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने कहा- सीकर से भी बुरी स्थिति जयपुर के अंदर है, जहां सांसद मंजू शर्मा ये कहती नजर आईं कि काम करो नहीं तो यहां से जाना पड़ेगा। तो उनको पाकिस्तान थोड़े ही भेजोगे, उनसे काम करवाओ। उदयपुर के सांसद ने बाकायदा चिट्ठी लिखकर कहा है कि वहां ब्यूरोक्रेसी इतनी हावी है कि उनकी कोई बात ही नहीं सुनी जाती।

डोटासरा ने कहा कि बीकानेर में पुलिस अधीक्षक वहां के मंत्री सुमित गोदारा का फोन नहीं उठाते। मुख्यमंत्री के चिपकू मंत्री के रूप में पहचाने जाने वाले संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम को जिला कलेक्टर-एसपी ने बैठने के लिए भी नहीं कहा और उनसे खड़े-खड़े ही पूछा कि क्या काम है? इस प्रकार ब्यूरोक्रेसी पूरे प्रदेश में हावी है।

मंत्री संजय शर्मा ने 23 दिसंबर को सीकर में आयोजित शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
मंत्री संजय शर्मा ने 23 दिसंबर को सीकर में आयोजित शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे थे।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाया दिखावे का आरोप

वन मंत्री संजय शर्मा और जिला कलेक्टर के बीच हुए विवाद को कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने अहंकार की लड़ाई बताया है। उन्होंने सरकार पर दिखावा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कैंपों में लोगों के काम नहीं हो रहे हैं, जैसा कि आज के वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा है।

सीकर प्रशासन और नगर परिषद प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगरीय विकास मंत्री के सीकर में होने के बावजूद नगर परिषद के अधिकारी गायब थे, जो कई प्रश्न खड़े करता है। इस सरकार में अधिकारी बेलगाम हो गए हैं, जो न मुख्यमंत्री की सुनते हैं, न मंत्रियों और विधायकों की, जिससे आम जनता बेहाल है। जनसुनवाई बंद कर दी गई है और जनता बेरोजगारी, महंगाई, जंगल-जमीन और रोजमर्रा की समस्याओं से जूझ रही है, जबकि सरकार के मंत्री और कलेक्टर अहंकार की लड़ाई में व्यस्त हैं।

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