क्या CMD राजस्थान आरती डोगरा चलाएंगी कानूनी हंटर…?, टेक्निकल हेल्पर तोसिब खान वर्षों से अधिकारियों के चहेते… सेटिंग का खेल या बड़ा गड़बड़झाला…?
निगम के आदेश के बाद भी तोसिब खान वर्षो से देख रहे है कनेक्शनों की फाइले... मेरे ऑफिस में तोसिब खान काम नहीं करता सब ऑनलाइन होता हैं-- AEN धर्मेंद्र सैनी
कैमरा देख फाइल छोड़ भाग निकले तोसिब खान… निगम के आदेश टेक्निकल हेल्प फील्ड में करे ड्यूटी..ऑफिस में नही आदेशो की उड़ी फतेहपुर सिटी शाखा में धज्जियां…
श… श… शोर मत करो… सिस्टम सो रहा है!” अघोषित बिजली कटौती से जनता बेहाल, उधर JEN ऑफिस में टेक्निकल हेल्पर के खर्राटे!
जनमानस शेखावाटी चीफ इन्वेस्टीगेटर : आबिद खान
फतेहपुर : एक तरफ राजस्थान सरकार जनता को बेहतर बिजली व्यवस्था देने के दावे कर रही है, निगम बड़े-बड़े विज्ञापनों में “24 घंटे सेवा” का सपना बेच रहा है, वहीं दूसरी तरफ फतेहपुर का बिजली तंत्र मानो किसी गहरी नींद में डूबा पड़ा है। जनता अंधेरे में बैठी है, गांव-शहर अघोषित बिजली कटौती से कराह रहे हैं, ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं, शिकायतें लंबित पड़ी हैं… लेकिन जिम्मेदार सिस्टम के भीतर सब कुछ “सेट” नजर आ रहा है।
सख्ती का दूसरा नाम सीएमडी आरती डोगरा फिर भी सीकर में नियमो की अनदेखी
राजस्थान की चर्चित और सख्त प्रशासक मानी जाने वाली CMD आरती डोगरा की कार्यशैली पूरे प्रदेश में चर्चाओं में रहती है। उनके नाम से कई विभागों में अफसर फाइलें सीधी कर लेते हैं, लेकिन सीकर जिले के अधीक्षण अभियंता सुभाष देवंदा की मॉनिटरिंग में चल रहा फतेहपुर शहर का बिजली विभाग शायद खुद को नियमों से ऊपर समझ बैठा है।
हालात इतने बदतर हैं कि ड्यूटी टाइम में एक्स ई एन साहब की कुर्सी खाली मिलती हैं, जे ई एन साहब पंखे-कूलर चालू छोड़कर गायब मिलते हैं और दूसरी ओर जनता की बिजली गुल होने के बीच ग्रामीण कार्यालय में टेक्निकल हेल्पर सुरेश कुमार गहरी नींद में खर्राटे भरता है। जबकि टेक्निकल हेल्पर की ड्यूटी तो फील्ड में होती हैं। सवाल यह है कि जब जनता परेशान थी, तब जिम्मेदार लोग आखिर किस सेवा में व्यस्त थे?
आदेश कागजों में, मौज-मस्ती दफ्तरों में! बाबू बन बैठे हैं: टेक्निकल तोसिब हेल्पर उड़ाई निगम के आदेशों की धज्जियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार निगम के मुख्य अभियंता कार्यालय द्वारा आदेश संख्या 449 दिनांक 11/07/2019 के माध्यम से स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे कि टेक्निकल हेल्परों को कार्यालय में कार्य से हटाकर फील्ड पोस्टिंग दी जाए। आदेशों में यहां तक चेतावनी दी गई थी कि यदि सात दिन बाद भी कोई टेक्निकल हेल्पर कार्यालय में पाया गया और निरीक्षण के दौरान पकड़ा गया तो संबंधित टेक्निकल हेल्पर और संबंधित अधिकारी पर अनुशासनात्मक कठोर कार्रवाई होगी।

मगर फतेहपुर में तो जैसे आदेशों को फाइलों में दफन कर दिया गया। यहां 4 से 5 टेक्निकल हेल्पर कथित रूप से वर्षों से ऑफिसों में जमे हुए हैं। फील्ड में जनता बिजली के लिए परेशान घूमती है और दफ्तरों में “आराम संस्कृति” फल-फूल रही है।
जनता पूछ रही है
क्या बिजली विभाग सेवा केंद्र है या आरामगाह…?
क्या निगम के आदेश सिर्फ दिखावे के लिए जारी होते हैं…?
क्या फील्ड कर्मचारी अब एसी-कूलर ऑफिसों में स्थायी बाबू बन चुके हैं…?
सवाल तो बड़ा यह भी हैं कि क्या निगम ये सबूत देखने के बाद भी किसी औचक निरीक्षण या जांच का इंतजार करेगा।
फाइलों के बीच टेक्निकल हेल्पर तोसिब खान!
कैमरा देखते ही उड़े होश, फाइल छोड़ भागे!
जब “जनमानस शेखावाटी न्यूज” की टीम ने फतेहपुर सिटी कार्यालय का अचानक दौरा किया तो जो तस्वीर सामने आई उसने कई सवाल खड़े कर दिए। टेक्निकल हेल्पर तोसिब खान न केवल कार्यालय में बैठे मिले बल्कि कथित रूप से सीसी बाबू जैसी महत्वपूर्ण सीट पर नए बिजली कनेक्शन और कॉलोनियों की फाइलों को देखते पाए गए। सूत्र बताते हैं कि विद्युत कनेक्शन और कोलोनियों की फाइलों को आगे बढ़ाने से लेकर कई तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका वर्षो से बनी हुई है।
हमारी टीम ने कई बार अलग अलग समय में डमी उपभोक्ता बनकर पड़ताल की। रिकॉर्ड किए गए वीडियो और स्थानीय चर्चाओं के आधार पर यह बात साफ रूप से सामने आई कि वर्षों से फील्ड पोस्टिंग के आदेश होने के बावजूद तोसिब खान लगातार कार्यालय में प्रभावशाली विद्युत कनेक्शनों जैसी महत्पूर्ण फाइलों को चेक करते हैं और उन्ही कामों में भूमिका निभा रहे हैं।
जैसे ही कैमरे का फ्लैश उनकी ओर गया, माहौल बदल गया। फाइलों में व्यस्त दिख रहे तोसिब खान अचानक सकपका गए। उन्होंने जल्दबाजी में फाइल छोड़ी और वहां से भाग निकले । पूछताछ पर वे हिचकिचाते नजर आए और बोले – मैं तो अभी-अभी आया था…” बस आया ही था।

अब सवाल यह उठता है कि अगर वे “अभी-अभी” आए थे, तो फिर महत्वपूर्ण फाइलें उनके सामने कैसे खुली थीं? सवाल बड़ा ये भी हैं कि जब तोसिब खान टेक्निकल हेल्पर ऑफिस में सीसी बाबू की भूमिका निभा रहे हैं तो फिर आखिर सीसी बाबू क्या कर रहे हैं वो कहां गायब हैं? सवाल अकेले तोसिब खान का नही सवाल तो सीकर के अधीक्षण अभियंता सुभाष देवंदा से हैं। कि पूरे जिले में ऐसी कितनी और ऑफिस हैं जहां इस तरह से टेक्निकल हेल्पर महत्वपूर्ण सीटों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
5 साल से ऑफिस में ड्यूटी कर रहे हैं टेक्निकल हेल्पर …
जनमानस शेखावाटी मीडिया की टीम लंबे से इस मामले को अपने कमरे में कैद कर रही हैं कई वर्षो पहले से टेक्निकल हेल्पर तोसिब खान निगम के आदेशो को धता बताकर ड्यूटी कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि इस बात की नाराजगी फतेहपुर सिटी शाखा के अन्य टेक्निकल हेल्पर जो फील्ड पोस्टिंग कर रहे हैं उनमें भी हैं। और कई बार उन्होंने ऊपर तक शिकायत भी की हैं लेकिन तोसिब खान अधिकारियों के इतने चहेते बन चुके हैं कि कोई उनका बाल बांका भी नही कर सकता और लगातार अधिकारियों और जनता के बीच की कड़ी को जोड़ने की अहम भूमिका निभा रहे हैं।

अधिकारी बचते रहे सवाल बढ़ते गए आखिर किसकी मेहरबानी से वर्षों से जमा है यह सिस्टम…?
सेटिंग का खेल या गड़बड़झाला?
जब इस पूरे मामले में स्थानीय अधिकारियों से जवाब मांगा गया तो सीधे उत्तर देने के बजाय गोलमोल जवाब देते नजर आए। किसी ने जिम्मेदारी लेने की कोशिश नहीं की। यही चुप्पी अब सबसे बड़ा सवाल बनती जा रही है।
गोपनीय सूत्रों की मानें तो तोसिब खान विभाग में “पुराने खिलाड़ी” माने जाते हैं, जो अधिकारियों और उपभोक्ताओं के बीच की “कड़ी” के रूप में काम आते हैं। हालांकि 5 वर्षो में बार बार हमारे केमरे में कैद हुए कई वीडियो ने यह साफ साबित कर दिया हैं कि टेक्निकल हेल्पर होते हुए तोसिब खान ने निगम की महत्पूर्ण सीट पर बैठकर फाइलों को उलट पलट किया यही कारण बताया जा रहा है कि तमाम आदेशों और नियमों के बावजूद उनकी पकड़ कमजोर नहीं हुई। कई सरकारे आई कई चली गई कई आदेश निकले लेकिन तोसिब खान की सीट हिलना तो दूर रति भर नही हिल पाई भले ही चीफ इंजीनियर के कड़े आदेश हो मगर एक टेक्निकल हेल्पर के सामने वो आदेश भी फीके नजर आ रहे हैं। इस से साफ प्रतीत होता हैं कि इस टेक्निकल हेल्पर पर निगम के उच्च अधिकारियों का कितना हाथ हैं।
क्या यह सिर्फ अधिकारियों की मेहरबानी है…?
क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है…?
क्या नियमों को चुनिंदा लोगों के लिए ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है…?
क्या बड़े भ्रष्टाचार की और यह मामला इशारा कर रहा हैं?
क्या विद्युत कनेक्शनों की फाइलों को निगम हल्के में लेता हैं?
क्या टेक्निकल हेल्परों के हाथो में बड़ी जिम्मेदारी देकर अधिकारी कोई बड़ा खेल खेल रहे हैं ये कई सवाल खड़े हुए हैं।?
जनता अंधेरे में, सिस्टम आराम में!
अब निगाहें निगम के जयपुर अजमेर और झुंझुनूं के बड़े अफसरों पर हैं। फतेहपुर की जनता अघोषित कटौती से त्रस्त है। व्यापारी परेशान हैं, गर्मी में लोग रातें जागकर काट रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार तंत्र की तस्वीरें सवालों के घेरे में हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जयपुर में बैठी सीएमडी और अजमेर से लेकर झुंझुनूं तक बैठे उच्च अधिकारी इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाएंगे? या फिर हमारी टीम द्वारा सबूतों के साथ दिखाए गए आईने को अंतिम रूप देते हुए कोई कानूनी चाबुक चलाएंगे ये देखना होगा या फिर मामले को दफन कर दिया जाएगा
क्या CMD आरती डोगरा इस कथित मिलीभगत और आदेशों की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई करेंगी?
क्या फील्ड पोस्टिंग के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वालों पर कानूनी हंटर चलेगा?
या फिर यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबाकर शांत कर दिया जाएगा…?

इनका क्या कहना हैं?
जांच करवाई जाएगी अगर कोई दोषी पाया जाता हैं तो सख्त कार्रवाई होगी आप फोटो वीडियो मुझे भेजिए – सीसराम वर्मा, संभागीय मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) विद्युत विभाग झुंझुनूं
मेरे ऑफिस में तोसिब खान काम नहीं करता सब ऑनलाइन होता हैं – AEN धर्मेंद्र सैनी
जब हमारी टीम फतेहपुर ने सिटी शाखा के सहायक अभियंता धर्मेंद्र सैनी से संपर्क साधा तो उन्होंने हाइपर होकर बोला क्या ये हैं कुछ नही मेरे ऑफिस में कोई तोसिब या टेक्निकल हेल्पर काम नही करता हैं। और मेरे यहां सारा काम ऑनलाइन होता फाइले सब ऑनलाइन जमा होती हैं। जब हमने आगे सवाल किया कि सर हमारे पास काम करते वीडियो हैं तो हडबड़ाकर फोन काट दिया। – AEN धर्मेंद्र सैनी

एक्सपर्ट का कहना हैं कि
जबकि एक्सपर्ट का कहना हैं कि विद्युत विभाग में फाइल ऑनलाइन जमा होती हैं लेकिन उपभोक्ता फाइल तैयार करके ऑफिस में आकर ऑफलाइन सीसी बाबू को चेक करवाता हूं। और जो फाइल ऑनलाइन जमा होती हैं वो भी सी सी बाबू ऑफिस में चेक करता हैं। हमारी टीम ने सीसी बाबू का पता किया तो पता चला जिस सीट पर टेक्निकल हेल्पर तोसिब खान काम करता हैं वह सीसी बाबू की सीट हैं और सीसी बाबू राकेश कुमारी हैं। अब सवाल ये हैं कि जब सीसी बाबू राकेश कुमारी का काम तोसिब खान कर रहा हैं तो फिर सीसी बाबू कहां गायब हैं ये बड़ा सवाल हैं।
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