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वीबी-जी रामजी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति, 2047 तक भारत बनेगा विश्व का सिरमौर : राजेंद्र राठौड़


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वीबी-जी रामजी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति, 2047 तक भारत बनेगा विश्व का सिरमौर : राजेंद्र राठौड़

वीबी-जी रामजी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति, 2047 तक भारत बनेगा विश्व का सिरमौर : राजेंद्र राठौड़

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा 1 जुलाई 2026 से देशभर में लागू किए गए विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) – वीबी-जी रामजी अधिनियम, 2025 के जिला स्तरीय शुभारंभ के अवसर पर गुरुवार को सहजूसर ग्राम पंचायत में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के राष्ट्रीय शुभारंभ समारोह से भी जुड़ा रहा। कार्यक्रम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, चूरू विधायक हरलाल सहारण, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्वेता कोचर, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना ग्रामीण रोजगार को नई दिशा देने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी तथा निर्धारित समय में कार्य उपलब्ध नहीं होने पर बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत विश्व की अग्रणी आर्थिक शक्ति बनकर उभरेगा।

राठौड़ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना गांवों में आधारभूत विकास, जल संरक्षण, स्वच्छता और हरित विकास को नई गति देगी। उन्होंने यमुना जल परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 34,102 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से चूरू, सीकर और झुंझुनूं सहित शेखावाटी क्षेत्र की करीब 75 लाख आबादी को लाभ मिलेगा। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की सूची तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन का आह्वान भी किया।

चूरू विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को 125 दिनों का रोजगार, 300 रुपये प्रतिदिन पारिश्रमिक तथा 5 किलोमीटर के दायरे में कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। यदि 15 दिनों के भीतर रोजगार नहीं मिलता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि योजना में वर्ष 2026-27 के लिए राजस्थान में 12,636 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार का योगदान रहेगा।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्वेता कोचर ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिले के 318 गांवों में जल संरक्षण, आधारभूत संरचना, आपदा प्रबंधन एवं आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मजदूरी भुगतान में देरी होने पर मुआवजे का भी प्रावधान रखा गया है।

कार्यक्रम के दौरान श्रमिक सम्मान समारोह, वृक्षारोपण तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस अवसर पर एसडीएम धीरज झाझड़िया, चंद्राराम गुरी, पदम सिंह राठौड़, एसीईओ भागचंद खारिया, पीआरओ सूर्यकांत कुमावत, बीडीओ कैलाश पचारिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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