जय किसान आंदोलन ने केंद्रीय बजट को किसान विरोधी बताया
जय किसान आंदोलन ने केंद्रीय बजट को किसान विरोधी बताया
जनमानस शेखावाटी संवाददाता : रविन्द्र पारीक
नवलगढ़ : बसावा खिरोड़ रोड स्थित एक खेत में जय किसान आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय बजट को किसान विरोधी बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। किसानों ने सबसे पहले अपने मोबाइल फोन पर वित्त मंत्री का बजट भाषण सुना और भाषण समाप्त होते ही बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
जय किसान आंदोलन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह बजट साफ संदेश देता है कि किसान अब केंद्र सरकार की प्राथमिकता में नहीं है। बजट में भाषा तो बड़ी है, लेकिन आंकड़े सच्चाई बयान कर रहे हैं। कृषि, ग्रामीण विकास, फसल बीमा, खाद और उर्वरक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कटौती की गई है तथा किसी भी ठोस कृषि मिशन पर शून्य खर्च किया गया है।
कैलाश यादव के अनुसार खेती-किसानी के लिए बजट का हिस्सा घटकर 3.04 प्रतिशत रह गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.34 प्रतिशत कम है। किसानों को एमएसपी गारंटी कानून, डीजल पर सब्सिडी, खाद-यूरिया पर सब्सिडी और कर्ज माफी जैसी राहतों की उम्मीद थी, लेकिन बजट ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
यादव ने कहा कि सरकार किसानों को बादाम, अखरोट, चंदन और नारियल जैसी फसलें लगाने की सलाह देती है, जो हर किसान के लिए संभव नहीं है। इससे स्पष्ट होता है कि सामान्य किसानों की जरूरतों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
इस मौके पर सूर्यप्रकाश शर्मा, पोखर मल बामिल, नवरंग लाल दूत, हरलाल यादव, पोखर मल कुमावत, विद्याधर सुंडा तथा प्रदेश अध्यक्ष कैलाश यादव सहित जय किसान आंदोलन के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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