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गणतंत्र दिवस पर शहीद-ए-आज़म भगत सिंह सर्किल उपेक्षा का शिकार, नेताओं के दावों पर उठे सवाल


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गणतंत्र दिवस पर शहीद-ए-आज़म भगत सिंह सर्किल उपेक्षा का शिकार, नेताओं के दावों पर उठे सवाल

गणतंत्र दिवस पर शहीद-ए-आज़म भगत सिंह सर्किल उपेक्षा का शिकार, नेताओं के दावों पर उठे सवाल

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : निरंजन सैन

पिलानी : देशभर में 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राजधानी से लेकर राज्यों तक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद व विधायक मंचों से शहीदों को याद करने और उन्हें न भूलने के बड़े-बड़े दावे करते नजर आए। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट दिखाई दी।

पिलानी/ निरंजन सैन : झुंझुनूं जिले की पिलानी विधानसभा क्षेत्र में स्थित शहीद-ए-आज़म भगत सिंह सर्किल वर्षों से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। हर वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस सर्किल को दरकिनार कर अन्य स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करते हैं, लेकिन शहीद भगत सिंह सर्किल पर न तो साफ-सफाई होती है और न ही माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

हैरानी की बात यह है कि शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी माने जाने वाले पिलानी शहर में दो-दो नगरपालिकाएं होने के बावजूद इस ऐतिहासिक सर्किल की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। जबकि झुंझुनूं जिला देश को सबसे अधिक सैनिक देने वाले जिलों में शामिल है। इसके बावजूद शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को याद करने के लिए न तो कोई पहल की जाती है और न ही युवाओं में जागरूकता दिखाई देती है।
आज पिलानी शहर के स्कूलों, स्टेडियमों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू सहित अन्य नेताओं की प्रतिमाओं के आसपास नियमित साफ-सफाई और व्यवस्थाएं देखने को मिलती हैं, लेकिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह सर्किल की बदहाल स्थिति बनी हुई है। यह उस महान क्रांतिकारी का अपमान है, जिन्होंने अपनी जवानी भारत माता की स्वतंत्रता के लिए कुर्बान कर दी।

इसके साथ ही सर्किल के अंदर वर्षों से लगा हाई-वोल्टेज बिजली का खंभा भी लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। शहीद भगत सिंह कल्याण समिति के प्रधान जगदीश जायलवाल ने बताया कि समिति की प्रमुख मांग है कि सर्किल के भीतर लगे बिजली के खंभे को शीघ्र हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े कार्यक्रम के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह सर्किल की नियमित साफ-सफाई कराई जाए और राष्ट्रीय पर्वों पर यहां श्रद्धांजलि कार्यक्रम अनिवार्य रूप से आयोजित किए जाएं, ताकि शहीदों के बलिदान का सम्मान बना रहे।

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