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झुंझुनूं में टेलीकॉम टावर टेक्नीशियनों ने किया प्रदर्शन:वेतन और सुरक्षा समेत मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के सामने विरोध जताया


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झुंझुनूं में टेलीकॉम टावर टेक्नीशियनों ने किया प्रदर्शन:वेतन और सुरक्षा समेत मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के सामने विरोध जताया

झुंझुनूं में टेलीकॉम टावर टेक्नीशियनों ने किया प्रदर्शन:वेतन और सुरक्षा समेत मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के सामने विरोध जताया

झुंझुनूं : झुंझुनूं जिले में मोबाइल नेटवर्क को सुचारू बनाए रखने वाले टेलीकॉम टावर टेक्नीशियनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री और श्रम विभाग के नाम ज्ञापन सौंपते हुए हस्तक्षेप की मांग की।

टेक्नीशियन मनराज चौधरी ने बताया कि वे आर्डोम प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से भारती हेक्साकॉम एयरटेल टावर लिमिटेड के लिए पिछले 18 वर्षों से कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि सीकर और झुंझुनूं जिलों में 200 से अधिक मोबाइल टावरों के संचालन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी इन्हीं टेक्नीशियनों पर है।

लंबे समय से सेवा, लेकिन सुविधाएं नहीं

टेक्नीशियनों का आरोप है कि वर्षों से लगातार काम करने के बावजूद उचित वेतन नहीं दिया जा रहा और किसी भी तरह की वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। कई बार कंपनी स्तर पर बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन मैनेजमेंट ने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया।

मनराज चौधरी ने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। टेक्नीशियनों के अनुसार कम वेतन और अनिश्चित भुगतान के कारण आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे परिवार चलाना कठिन हो गया है।

जोखिम भरा काम, सुरक्षा नदारद

ज्ञापन में बताया गया कि टेक्नीशियन 24 घंटे, सातों दिन कठिन और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं। नेटवर्क सुधार, टावर मेंटेनेंस और पावर सप्लाई के दौरान हमेशा जान का खतरा बना रहता है, इसके बावजूद कंपनी की ओर से आवश्यक सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी गियर) तक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है।

टेक्नीशियनों की प्रमुख मांगें

  • कार्य की प्रकृति और महंगाई को देखते हुए श्रम विभाग के मानकों के अनुसार वेतन तय किया जाए।
  • लंबे समय तक ड्यूटी के बावजूद अतिरिक्त कार्य का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
  • जोखिमपूर्ण कार्य को देखते हुए बीमा कवर, पीएफ और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
  • नियमों की अनदेखी करने वाली वेंडर कंपनी के खिलाफ जांच कर सख्त कदम उठाए जाएं।

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